नेपाल में भीषण फ्लैश फ्लड से तबाही, अब तक 8 लोगों की मौत, 142 भारतीय सहित 291 विदेशी पर्यटक लापता

बाढ़ के बाद 291 विदेशी पर्यटकों के लापता होने की सूचना है, जिनमें 142 भारतीय पर्यटक शामिल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा 93 नेपाली नागरिकों के भी लापता होने की जानकारी सामने आई है। वहीं 8 आम नागरिकों की मौत की खबर है

Nepal Flood - फोटो : news4nation

Nepal Flood : नेपाल में बुधवार सुबह आई भीषण फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचा दी। बाढ़ की चपेट में आने से कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई है। नेपाल पुलिस के प्रवक्ता ने इसकी पुष्टि की है। अचानक आई इस बाढ़ ने रसुवा जिले के तिमुरे और आसपास के स्याफ्रुबेसी इलाके में बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है। कई वाहन, सामान और अन्य संपत्तियां तेज बहाव में बह गईं।


बताया जा रहा है कि भोटेकोशी नदी में सुबह करीब 9 बजे अचानक जलस्तर बढ़ गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक बाढ़ का पानी तिब्बत की दिशा से आया। पानी का बहाव इतना तेज था कि देखते ही देखते नदी के आसपास के इलाकों में तबाही मच गई। नेपाल सेना की ओर से जारी बयान के अनुसार, रसुवा जिले के तिमुरे और स्याफ्रुबेसी क्षेत्र में बाढ़ ने व्यापक नुकसान पहुंचाया है। रसुवा के सहायक मुख्य जिला अधिकारी ध्रुव प्रसाद अधिकारी ने बाढ़ के पैमाने को असामान्य रूप से बड़ा बताया। उन्होंने कहा कि दोनों बस्तियों में काफी नुकसान हुआ है।


291 विदेशी पर्यटक लापता

बाढ़ के बाद 291 विदेशी पर्यटकों के लापता होने की सूचना है, जिनमें 142 भारतीय पर्यटक शामिल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा 93 नेपाली नागरिकों के भी लापता होने की जानकारी सामने आई है। प्रशासन, टूरिस्ट पुलिस और स्थानीय एजेंसियां लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं।

कस्टम परिसर में खड़े वाहन भी बहे

रसुवा के मुख्य कस्टम अधिकारी राजेंद्र ढुंगाना के मुताबिक, कस्टम परिसर में खड़े कई वाहन और वहां रखा सामान बाढ़ के तेज बहाव में बह गया। इसके अलावा हाल ही में बनाया गया एक पुल भी बाढ़ में नष्ट हो गया। इससे इलाके में आवागमन और राहत-बचाव अभियान प्रभावित हुआ है।


सेना और पुलिस को राहत-बचाव में लगाया गया

बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए नेपाल सरकार ने नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के जवानों को रसुवा और आसपास के क्षेत्रों में तैनात किया है। सुरक्षाबलों को राहत और बचाव अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक हालात की समीक्षा और आगे की रणनीति तय करने के लिए उच्चस्तरीय बैठक भी बुलाई जा रही है।


इस बीच, नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRM) ने रसुवा के अलावा नुवाकोट, धादिंग, चितवन और गोरखा जिलों में नदी किनारे रहने वाले लोगों को हाई अलर्ट पर रहने की अपील की है। लोगों से तत्काल सुरक्षा उपाय अपनाने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। फिलहाल प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य जारी है और बाढ़ से हुए कुल नुकसान का आकलन किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक आने वाले समय में नुकसान और हताहतों की संख्या से जुड़ी और जानकारी सामने आ सकती है।