अनंत सिंह को 'अपराधी' बताकर तेजस्वी यादव ने राजद में शामिल करने पर किया बड़ा ऐलान
तेजस्वी यादव ने कहा कि अनंत सिंह की पत्नी पहले आरोप लगाती थीं कि सरकार ने उन्हें फर्जी मुकदमों में फंसाया है। लेकिन जब अनंत सिंह हमारे लोगों को धोखा देकर वापस एनडीए सरकार में चले गए तो उन्हें सरकार अच्छी लगने लगी।
Bihar News : दुलारचंद यादव हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई है। अनंत सिंह को 1 दिसंबर तक सरेंडर करने के निर्देश के बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मोकामा विधायक पर निशाना साधा है। उन्होंने जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार को भी घेरते हुए सवाल किया कि जब अनंत सिंह जेडीयू में थे, तब नीरज कुमार चुप क्यों थे? उस समय अनंत सिंह अपराधी नहीं थे? अब जब मामला अपने ऊपर आया तो पेटीशनर बनकर उन्हें जेल भेजने की कोशिश की जा रही है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि अनंत सिंह की पत्नी पहले आरोप लगाती थीं कि सरकार ने उन्हें फर्जी मुकदमों में फंसाया है। लेकिन जब अनंत सिंह हमारे लोगों को धोखा देकर वापस एनडीए सरकार में चले गए तो उन्हें सरकार अच्छी लगने लगी। अब जब दोबारा जेल जाने की नौबत आई है तो सरकार खराब लगने लगी है।
'नीरज कुमार को जल्दी पता चल गया'
तेजस्वी ने नीरज कुमार पर तंज कसते हुए कहा कि अनंत सिंह जब जेडीयू में साथ थे, तब नीरज कुमार क्या कर रहे थे? उस समय उन्होंने अनंत सिंह के आपराधिक इतिहास पर सवाल क्यों नहीं उठाया? तब अनंत सिंह अपराधी नहीं थे? तेजस्वी के मुताबिक, जब बात अपने ऊपर आई तो नीरज कुमार पेटीशनर बनकर अनंत सिंह को जेल भिजवाने चले गए। हालांकि तेजस्वी यादव जदयू एमएलसी नीरज कुमार को याचिकाकर्ता बता रहे हैं जबकि याचिकाकर्ता दुलारचंद यादव का पोता नीरज है।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या दिया है आदेश?
गौरतलब है कि दुलारचंद यादव हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने 30 अक्टूबर को अनंत सिंह की जमानत रद्द कर उन्हें 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का निर्देश दिया है। साथ ही बिहार पुलिस को चार महीने में जांच पूरी करने को कहा है। यह मामला 30 अक्टूबर 2025 को मोकामा में चुनाव प्रचार के दौरान हुई हिंसा और दुलारचंद यादव की हत्या से जुड़ा है। पटना हाईकोर्ट ने 19 मार्च 2026 को अनंत सिंह को जमानत दी थी, जिसे दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
अनंत सिंह की आरजेडी में वापसी होगी?
तेजस्वी यादव से जब अनंत सिंह को आरजेडी में वापस लेने की संभावना को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने साफ कहा कि ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। इस बयान से उन्होंने अनंत सिंह की आरजेडी में वापसी की अटकलों पर फिलहाल विराम लगा दिया। दरअसल, पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनाव में अनंत सिंह ने जेडीयू के आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार के बजाय जनसुराज प्रत्याशी अनुज कुमार सिंह का समर्थन किया था। इसके बाद जेडीयू ने अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया।
रंजन की रिपोर्ट