Union Budget 2026: सरकारी कर्मचारियों पर मेहरबान बजट, सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में होगा बड़ा इजाफा, अब इतना बढ़कर आएगा वेतन

विकास की तेज़ रफ्तार दिखाने के लिए 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान, तो दूसरी तरफ़ देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में बड़ी राहत का साफ़ संकेत।

सरकारी कर्मचारियों पर मेहरबान बजट- फोटो : reporter

Union Budget 2026:  केंद्रीय बजट की सियासी सरगर्मी के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक तीर से दो निशाने साधे हैं। एक तरफ़ विकास की तेज़ रफ्तार दिखाने के लिए 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान, तो दूसरी तरफ़ देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में बड़ी राहत का साफ़ संकेत। संसद के गलियारों से लेकर कर्मचारी संगठनों तक, इन दोनों घोषणाओं की गूंज सुनाई दे रही है।

वित्त मंत्री ने जिन हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का एलान किया, उनमें मुंबई–पुणे, पुणे–हैदराबाद, हैदराबाद–बेंगलुरु, हैदराबाद–चेन्नई, चेन्नई–बेंगलुरु, दिल्ली–वाराणसी और वाराणसी–सिलिगुड़ी शामिल हैं। सियासी जानकार इसे “कनेक्टिविटी की राजनीति” करार दे रहे हैं, जहां महानगरों से लेकर पूर्वांचल और पूर्वोत्तर तक विकास की रेल दौड़ाने की तैयारी है। सरकार का दावा है कि इससे न सिर्फ़ यात्रा का वक्त घटेगा, बल्कि व्यापार, रोज़गार और क्षेत्रीय संतुलन को भी मजबूती मिलेगी।

इसी बीच बजट सत्र के दौरान केंद्रीय कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर भी सामने आई है। जनवरी 2026 के लिए महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का रास्ता साफ़ हो चुका है। श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा जारी ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) के दिसंबर 2025 के आंकड़ों के मुताबिक सूचकांक 148.2 अंक पर स्थिर है। नवंबर में भी यही स्थिति थी, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिरता डीए बढ़ोतरी में रोड़ा नहीं बनेगी।

मौजूदा आंकड़ों के विश्लेषण से यह कयास लगाए जा रहे हैं कि महंगाई भत्ते में 5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी संभव है। अगर ऐसा हुआ तो केंद्रीय कर्मचारियों का कुल डीए 63 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन के अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल ने इसे सकारात्मक संकेत बताते हुए कहा कि आंकड़े कर्मचारियों के हक़ में हैं और सरकार के पास पूरी गुंजाइश मौजूद है।

बता दें  कि सरकार साल में दो बार जनवरी और जुलाई डीए में संशोधन करती है। जुलाई 2025 में डीए 55 से बढ़ाकर 58 प्रतिशत किया गया था। अब जनवरी 2026 से लागू होने वाली संभावित बढ़ोतरी को महंगाई के दौर में “सियासी राहत” के तौर पर देखा जा रहा है।