Union Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आत्मनिर्भर भारत का रोडमैप किया पेश, बजट में खादी और हस्तशिल्प टेक्सटाइल को मजबूत करने की घोषणा,डेडिकेटेड रेयर अर्थ कॉरिडोर बनाएगी सरकार
Union Budget 2026: नई दिल्ली की सियासी फ़िज़ा में रविवार को बजट भाषण के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विकास और रणनीति का ऐसा खाका पेश किया, जिसमें विरासत भी है और भविष्य की तैयारी भी।
Union Budget 2026: नई दिल्ली की सियासी फ़िज़ा में रविवार को बजट भाषण के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विकास और रणनीति का ऐसा खाका पेश किया, जिसमें विरासत भी है और भविष्य की तैयारी भी। संसद के पटल से उन्होंने साफ़ कहा कि सरकार का इरादा खादी और हस्तशिल्प टेक्सटाइल को मज़बूत कर गांव, कारीगर और रोज़गार को नई सांस देने का है। उनके इस एलान को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वदेशी सोच से जोड़कर देखा जा रहा है।
वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि खादी और हस्तशिल्प सेक्टर को संजीवनी देने के लिए टेक्सटाइल लेबर इंसेंटिव स्कीम और नेशनल हैंडलूम एंड हैंडीक्राफ्ट्स प्रोग्राम की शुरुआत की जाएगी। साथ ही, “चैलेंज मोड” में मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल के ज़रिये खादी को सिर्फ़ कपड़े तक सीमित नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की पहचान बनाया जाएगा।
बजट भाषण का एक अहम सियासी और रणनीतिक एलान रहा डेडिकेटेड रेयर अर्थ कॉरिडोर। सीतारमण ने बताया कि नवंबर 2025 में रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट के लिए योजना शुरू की गई थी और अब ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों को इस कॉरिडोर की स्थापना में मदद दी जाएगी। यह कदम भारत को वैश्विक सप्लाई चेन में मज़बूत खिलाड़ी बनाने की दिशा में देखा जा रहा है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स के मोर्चे पर भी सरकार ने बड़ा दांव खेला है। अगले पांच वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग, कोस्टल कार्गो प्रमोशन स्कीम और सी-प्लेन वीजीएफ स्कीम शुरू करने का एलान किया गया। इसका मक़सद व्यापार को रफ्तार देना और तटीय राज्यों की अर्थव्यवस्था को मज़बूत करना है।
शहरों के लिए नए इकनॉमिक जोन बनाने की घोषणा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि देश की आर्थिक सुधार की गाड़ी सही पटरी पर है और सरकार अपनी रफ्तार बनाए रखेगी। उन्होंने भारत को आगे ले जाने के लिए छह चरणों वाली प्रक्रिया का भी ज़िक्र किया।
सबसे बड़ा स्वास्थ्य और विज्ञान से जुड़ा एलान रहा बायोफार्मा सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का आवंटन, जो पांच वर्षों में खर्च किया जाएगा। सीतारमण ने कहा कि भारत को बायोफार्मा हब बनाया जाएगा, ताकि गंभीर बीमारियों की दवाएं आम लोगों को सस्ते दामों पर मिल सकें।