'लुंगी वाला' केरल के सांसद के वेशभूषा पर BJP सांसद सुष्मिता देव की अजीबोगरीब टिप्पणी पर बवाल, सभापति भी भड़के

BJP सांसद सुष्मिता देव के खिलाफ सीपीआई(एम) सांसद जॉन ब्रिटास ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्हें संसद में 'लुंगी वाला' कहकर चिढ़ाने की कोशिश की गई. यह क्षेत्रीय भावना के खिलाफ है जो भारत की विविधता में एकता को खंडित करने वाला है.

Lungi Wala John Brittas - फोटो : news4nation

John Brittas :  राज्यसभा में बुधवार को सीपीआई(एम) सांसद जॉन ब्रिटास को कथित तौर पर ‘लुंगी वाला’ कहे जाने का मामला गरमा गया। ब्रिटास ने सदन में इस टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए इसे सिर्फ उनका नहीं, बल्कि संसद की गरिमा और देश की विविधता का मुद्दा बताया। उन्होंने सभापति के सामने शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद सभापति ने भी नाराजगी जाहिर की और सांसदों को एक-दूसरे की भाषा, संस्कृति और परंपराओं का सम्मान करने की नसीहत दी।


जॉन ब्रिटास ने कहा कि वह भारी मन से इस मुद्दे को उठा रहे हैं, क्योंकि यह सदन की गरिमा, प्रतिष्ठा और सम्मान से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि यह किसी एक राजनीतिक दल का विषय नहीं है, बल्कि सभी दलों से संबंधित मुद्दा है। ब्रिटास ने अपनी पहचान का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें अपनी भाषा, संस्कृति, खान-पान और पहनावे पर गर्व है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान देश की विविधता का सम्मान करता है और यही विविधता भारत की एकता को मजबूत बनाती है।


हम सब  सिर्फ भारतीय

ब्रिटास ने खुद को भारतीय और गर्वित मलयाली बताते हुए दक्षिण भारतीय पहचान का भी जिक्र किया। इस पर सभापति ने उन्हें टोकते हुए कहा कि सदन में कोई दक्षिण भारतीय या उत्तर भारतीय नहीं है, बल्कि सभी सिर्फ भारतीय हैं। ब्रिटास ने कहा कि जब वह सदन से विदा होंगे तो संसद से उनकी सबसे बड़ी सीख भारत की विविधता होगी। उनके मुताबिक, अलग-अलग संस्कृतियों और परंपराओं का सम्मान ही देश की एकता को अनूठे तरीके से मजबूत करता है।


पहनावे के आधार पर बांटने की कोशिश

मामले पर आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने भी ब्रिटास का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि भारत अनेकता में एकता वाला देश है और यहां अलग-अलग धर्मों, संस्कृतियों और परंपराओं के लोग रहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसी के पहनावे को लेकर टिप्पणी करना और उसका अपमान करना गलत है। CPI सांसद पी. संतोष कुमार ने भी ‘लुंगी वाला’ टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए इसे भारतीयों के अपमान से जोड़ा और कहा कि लोगों को रंग, पहनावे और खान-पान के आधार पर बांटने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।


हर परंपरा का सम्मान

वहीं, राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा ने कहा कि देश के हर राज्य की वेशभूषा और परंपरा का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी टिप्पणियों का समर्थन नहीं किया जाता। हालांकि, नड्डा ने यह भी कहा कि मामले में भाजपा सांसद सुष्मिता देव का पक्ष भी सुना जाना चाहिए। उन्होंने सभापति से सुष्मिता देव को अपनी बात रखने का अवसर देने का आग्रह किया।

 

एक-दूसरे की परंपराओं का सम्मान

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी कहा कि सरकार बिना किसी भेदभाव के राष्ट्र की एकता के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि एक सदस्य द्वारा दूसरे सदस्य पर आरोप लगाए जाने के बाद विरोध की स्थिति बनी है, इसलिए दूसरे पक्ष को भी अपनी बात रखने का मौका दिया जाना चाहिए। इस विवाद के बीच सभापति ने सभी सांसदों को सदन की मर्यादा बनाए रखने और एक-दूसरे की परंपराओं का सम्मान करने की नसीहत दी।