PM Modi Meeting: मोदी का रिपोर्ट कार्ड ऑपरेशन! 4 घंटे की हाईवोल्टेज बैठक में खुली मंत्रियों की पोल, NDA-3 में बड़े फेरबदल के संकेत, टॉप-5 और बॉटम-5 मंत्रालयों की लिस्ट से बढ़ी हलचल
PM Modi Meeting:प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की लंबी और बेहद अहम बैठक ने सत्ता के गलियारों में हलचल मचा दी। करीब चार घंटे चली इस मैराथन मीटिंग में सिर्फ योजनाओं की समीक्षा नहीं हुई, बल्कि मंत्रियों के कामकाज का पूरा रिपोर्ट कार्ड...
PM Modi Meeting: पांच देशों के हाई-प्रोफाइल दौरे से लौटते ही पीएम नरेंद्र मोदी पूरी तरह ऐक्शन मोड में नजर आए। गुरुवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की लंबी और बेहद अहम बैठक ने सत्ता के गलियारों में हलचल मचा दी। करीब चार घंटे चली इस मैराथन मीटिंग में सिर्फ योजनाओं की समीक्षा नहीं हुई, बल्कि मंत्रियों के कामकाज का पूरा रिपोर्ट कार्ड खोलकर रख दिया गया।
सूत्रों के मुताबिक, एनडीए-3 सरकार के दो साल पूरे होने से पहले हुई इस मिड-टर्म समीक्षा में मंत्रालयों की परफॉर्मेंस का गहराई से ऑडिट किया गया। बैठक में कैबिनेट सचिव राजीव गौबा और नीती आयोग के शीर्ष अधिकारियों ने अलग-अलग मंत्रालयों की उपलब्धियों, कमियों और सुधारों पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया।
सबसे ज्यादा चर्चा उस ‘रैंकिंग लिस्ट’ की रही, जिसमें मंत्रालयों को उनके कामकाज के आधार पर टॉप-5 और बॉटम-5 कैटेगरी में बांटा गया। इस मूल्यांकन के लिए दो बड़े पैमानों को आधार बनाया गया सरकारी फाइलों के निस्तारण की रफ्तार और जनता की शिकायतों के समाधान में मंत्रालयों की सक्रियता। जिन मंत्रालयों की फाइलें लालफीताशाही में फंसी रहीं या जिनका रवैया पब्लिक ग्रीवांस को लेकर सुस्त पाया गया, उन्हें प्रधानमंत्री की नाराजगी का सामना करना पड़ा।
बैठक में पीएम मोदी का संदेश बेहद सख्त और साफ था फैसले तेज हों, उत्पादकता बढ़े और जनता को सरकारी सिस्टम की सुस्ती से राहत मिले। उन्होंने मंत्रियों और नौकरशाहों से कहा कि सरकार का मकसद लोगों की जिंदगी में गैरजरूरी दखल देना नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर मददगार बनना है। ईज ऑफ लिविंग को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए पीएम ने कहा कि हर सुधार का अंतिम लक्ष्य आम नागरिक की जिंदगी को आसान बनाना होना चाहिए।
राजनीतिक हलकों में सबसे ज्यादा चर्चा संभावित कैबिनेट फेरबदल को लेकर है। माना जा रहा है कि जिन मंत्रियों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, उनकी छुट्टी हो सकती है या विभाग बदले जा सकते हैं। वहीं, बेहतर प्रदर्शन करने वाले युवा चेहरों को प्रमोशन मिल सकता है।
बैठक में कृषि, सड़क परिवहन, विदेश, ऊर्जा, श्रम, वाणिज्य और कॉर्पोरेट मामलों जैसे बड़े मंत्रालयों ने अपने दो साल के कामकाज का ब्योरा पेश किया। पीएम मोदी ने विकसित भारत 2047 को सरकार का सिर्फ नारा नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति अटूट संकल्प बताते हुए मंत्रियों को परिणाम आधारित शासन पर फोकस करने की नसीहत दी।