Assam election results:असम में सियासी सुनामी! शुरुआती रुझानों में भाजपा का धमाका, बैकफुट पर विपक्ष
Assam में वोटों की गिनती के साथ ही सियासत का पारा चरम पर पहुंच गया है। शुरुआती रुझानों ने ऐसा राजनीतिक भूचाल ला दिया है, जिसमें सत्ता का खेल एकतरफा होता नजर आ रहा है।
Assam में वोटों की गिनती के साथ ही सियासत का पारा चरम पर पहुंच गया है। शुरुआती रुझानों ने ऐसा राजनीतिक भूचाल ला दिया है, जिसमें सत्ता का खेल एकतरफा होता नजर आ रहा है। पहले ही ट्रेंड में भाजपा ने जबरदस्त बढ़त बनाकर विपक्षी खेमे में बेचैनी बढ़ा दी है।
राज्य की 126 विधानसभा सीटों पर 722 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला जारी है। 35 जिलों के 40 मतगणना केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच वोटों की गिनती चल रही है। ताज़ा रुझानों के मुताबिक भाजपा 39 सीटों पर आगे निकल चुकी है, जबकि कांग्रेस+ महज 10 सीटों पर सिमटी दिख रही है। पहले के ट्रेंड में भाजपा 28 सीटों पर आगे थी, जबकि कांग्रेस+ 3 और AIUDF+ 2 सीटों पर बढ़त बनाए हुए थे लेकिन अब तस्वीर तेजी से बदल रही है।
इस चुनाव में सबसे दिलचस्प मुकाबला हिमंत बिस्वा सरमा और गौरव गोगोई के बीच माना जा रहा है। सरमा जहां जलुकबाड़ी सीट से अपनी पकड़ मजबूत करते आए हैं, वहीं गौरव गोगोई पहली बार विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमा रहे हैं। जोरहाट सीट पर उनका मुकाबला भाजपा के टोपन गोगोई से है, जिससे यह सीट ‘हाई वोल्टेज बैटल’ बन गई है।
इस बार चुनावी मैदान में कई बड़े मुद्दे छाए रहे पहचान की राजनीति, विकास और घुसपैठ जैसे संवेदनशील सवालों ने माहौल को गरमाए रखा। भाजपा ने “जति, माटी, भेती” के नारे के साथ स्थानीय अस्मिता को भुनाने की कोशिश की, तो वहीं कांग्रेस गठबंधन ने सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों का एजेंडा सामने रखा।
मतदान प्रतिशत भी इस बार रिकॉर्ड रहा करीब 85.96% वोटिंग ने साफ कर दिया कि जनता ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।फिलहाल, रुझानों का यह ‘खेल’ अभी जारी है, लेकिन जिस तरह भाजपा शुरुआती बढ़त बना चुकी है, उससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि असम की सियासत में बड़ा उलटफेर हो सकता है। अब सबकी नजर अंतिम नतीजों पर टिकी है—कौन बनेगा सिकंदर और किसे मिलेगी हार की सजा।