अभिनेता प्रकाश राज का नाम वोटर लिस्ट से गायब, SIR पर फिर उठे गंभीर सवाल, 65 लाख वोटरों के पहचान पर संकट

प्रकाश राज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा कर इस मामले पर चिंता जताई। उन्होंने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए अधिकारियों की कार्यप्रणाली और सत्यापन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी निशाना साधा।

Prakash Raj Name Deleted From Voter List - फोटो : news4nation

Prakash Raj :  अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राज ने मंगलवार को दावा किया कि कर्नाटक में जारी Special Intensive Revision (SIR) के दौरान उनके निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची से उनका नाम हटा दिया गया है। प्रकाश राज ने कहा कि वह उन करीब 65 लाख मतदाताओं में शामिल हैं, जिनके नाम SIR प्रक्रिया के दौरान कर्नाटक में मतदाता सूची से हटाए जाने का दावा किया जा रहा है।


प्रकाश राज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा कर इस मामले पर चिंता जताई। उन्होंने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए अधिकारियों की कार्यप्रणाली और सत्यापन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी निशाना साधा। अभिनेता ने कहा कि उनका जन्म बेंगलुरु में हुआ, उन्होंने वहीं पढ़ाई की और जीवन का बड़ा हिस्सा इसी शहर में बिताया। उन्होंने इसी निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा चुनाव भी लड़ा था। ऐसे में उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर उनका नाम मतदाता सूची से कैसे हटाया जा सकता है।


प्रकाश राज ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि अब वह यह देखेंगे कि अपना वोटर आईडी वापस पाने के लिए उन्हें कौन-कौन से दस्तावेज जमा करने पड़ेंगे। उन्होंने मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि इससे बड़ी संख्या में वास्तविक मतदाताओं के मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोग अपनी शक्तियों का इस्तेमाल कुछ नागरिकों को वोट देने के अधिकार से वंचित करने के लिए कर सकते हैं, लेकिन नागरिक भी अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सरकार को जवाब दे सकते हैं।


कर्नाटक में SIR को लेकर बढ़ा विवाद

प्रकाश राज के दावे के बाद कर्नाटक में मतदाता सूची के प्रबंधन और SIR प्रक्रिया को लेकर बहस और तेज हो गई है। नागरिक संगठनों और राजनीतिक पर्यवेक्षकों की ओर से भी मतदाता सूची में नाम हटाए जाने की प्रक्रिया की जांच और ASDDO सूची के तत्काल ऑडिट की मांग की जा रही है।


इस बीच, चुनाव आयोग ने कर्नाटक में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के कार्यक्रम में बदलाव किया है। पात्र मतदाताओं के नाम गलती से हटने की स्थिति को रोकने के लिए फॉर्म की प्रक्रिया और 1.09 करोड़ नामों वाली ASDDO सूची के ऑडिट के लिए अतिरिक्त नौ दिनों का समय दिया गया है। 


इस बदलाव के बाद कर्नाटक की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने की तारीख 17 अगस्त से बढ़ाकर 24 अगस्त कर दी गई है। चुनाव आयोग का यह अतिरिक्त समय उन मतदाताओं के नामों की दोबारा जांच और आवश्यक सुधार के लिए दिया गया है, जिन्हें गलती से सूची से बाहर कर दिया गया हो।