Political News: वोट चोरी और SIR पर विपक्ष का महाबैठक आज, राहुल गांधी के घर जुटेंगे INDIA ब्लॉक के दिग्गज, दिल्ली में CJP नेताओं की गिरफ्तारी से गरमाई सियासत
Political News: शाम 4 बजे राहुल गांधी के आवास पर बैठक और संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस होगा। सरकार-चुनाव आयोग के खिलाफ अगली रणनीति पर मंथन होगी...
Political News: वोट चोरी और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर देश की सियासत में घमासान तेज हो गया है। दिल्ली में ‘मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ के बाद अब विपक्षी INDIA ब्लॉक आगे की रणनीति तैयार करने में जुट गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज यानी मंगलवार, 13 अक्टूबर को विपक्षी नेताओं, सांसदों, सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों और छात्र संगठनों के सदस्यों को चर्चा के लिए अपने सरकारी आवास पर आमंत्रित किया है। शाम 4 बजे प्रस्तावित इस बैठक में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस और आगे के आंदोलन की रणनीति पर चर्चा होने की बात कही गई है।
इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। दोनों नेता अपने समर्थकों के साथ जंतर-मंतर पहुंचे थे। अधिकारियों के मुताबिक, वहां प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने के कारण पुलिस ने कार्रवाई की। इस घटनाक्रम ने पहले से जारी राजनीतिक विवाद को और चर्चा में ला दिया है।
राहुल गांधी के आवास पर विपक्ष का मंथन, आगे की रणनीति पर नजर
विपक्षी गठबंधन की बैठक ऐसे समय हो रही है, जब चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर कई दल निर्वाचन आयोग से जवाब मांग रहे हैं। बैठक में विपक्षी सांसदों के साथ नागरिक संगठनों और छात्र समूहों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की बात कही गई है।ैठक का मुख्य एजेंडा SIR को लेकर उठाए जा रहे सवाल, मतदाताओं के अधिकार और आगे के राजनीतिक कार्यक्रम हो सकते हैं। संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए विपक्ष अपना पक्ष रखने की तैयारी में है। हालांकि, बैठक में किसी नए आंदोलन, देशव्यापी अभियान या अन्य कदम की घोषणा होगी या नहीं, यह आधिकारिक बयान आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
राहुल गांधी, खरगे और कई विपक्षी नेता
सोमवार को दिल्ली में आयोजित ‘मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ में राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव और सुप्रिया सुले समेत कई विपक्षी नेताओं के शामिल होने की जानकारी सामने आई थी।प्रदर्शन के दौरान राजधानी में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए और कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई। विपक्षी दलों का आरोप है कि SIR की प्रक्रिया से मतदाता सूची से नाम हटने और पात्र मतदाताओं के अधिकार प्रभावित होने का खतरा है। दूसरी तरफ, इस प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर निर्वाचन आयोग का आधिकारिक पक्ष और संबंधित दस्तावेज अहम होंगे।
SIR विवाद सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा
मार्च के बाद विपक्षी गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, याचिका में निर्वाचन आयोग, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी को पक्षकार बनाया गया है।विपक्ष ने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और SIR से जुड़े मुद्दों को न्यायिक जांच के दायरे में लाने की मांग की है। हालांकि, याचिका दायर होना अपने आप में आरोपों की पुष्टि नहीं है। मामले में अदालत की कार्यवाही और आदेश से ही आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।
जंतर-मंतर पर CJP नेताओं की हिरासत, प्रदर्शन की अनुमति पर सवाल
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका अपने कार्यकर्ताओं के साथ जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे थे। बताया गया है कि प्रदर्शनकारी आसपास के खाने-पीने के स्टॉल वाले रास्ते से प्रदर्शन स्थल तक पहुंचे। पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। उनके साथ पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं को भी पकड़े जाने की खबर है।अधिकारियों का कहना है कि जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित नहीं किए जाने के कारण वहां प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी। हालांकि, लागू आदेशों की सटीक शर्तें और वैकल्पिक प्रदर्शन स्थलों की व्यवस्था अलग से देखी जानी चाहिए।इससे पहले 10 अक्टूबर को भी CJP से जुड़े अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई थी। बताया गया था कि अभिजीत दीपके को कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया और उन्होंने 50 हजार रुपये का बॉन्ड भरा था, जिसमें शांति बनाए रखने की बात शामिल थी।
दिल्ली में सुरक्षा सख्त, CAPF की तैनाती बढ़ाने की मांग
संभावित प्रदर्शनों को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की 273 कंपनियों की तैनाती 20 अक्टूबर तक बढ़ाने का अनुरोध किया है। समाचार एजेंसी PTI के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, पुलिस ने मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय को इस संबंध में पत्र लिखा।अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली में कुल 301 कंपनियों की तैनाती को मंजूरी दी गई थी। इनमें 6 अक्टूबर को 221 और 8 अक्टूबर को 80 कंपनियों की मंजूरी शामिल थी। अतिरिक्त 80 कंपनियों में से 28 के सोमवार तक दिल्ली पुलिस के पास रिपोर्ट नहीं करने की बात भी कही गई है।जंतर-मंतर, निर्वाचन आयोग, संसद भवन और इंडिया गेट जैसे संवेदनशील इलाकों में संभावित प्रदर्शनों को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं।
अब विपक्ष के अगले कदम पर टिकी निगाहें
एक तरफ राहुल गांधी के आवास पर INDIA ब्लॉक की बैठक प्रस्तावित है, तो दूसरी तरफ CJP नेताओं की हिरासत और दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था राजनीतिक बहस को तेज कर रही है। विपक्ष SIR और चुनावी पारदर्शिता पर जवाब मांग रहा है, जबकि प्रशासन सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दे रहा है। अब सबकी नजर बैठक के बाद होने वाली संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस पर है। क्या विपक्ष आंदोलन को नया रूप देगा, कानूनी लड़ाई को आगे बढ़ाएगा या देशव्यापी अभियान की घोषणा करेगा? इसका जवाब बैठक के बाद सामने आने वाले आधिकारिक बयान से मिलेगा।
ब्यूरो रिपोर्ट