‘कमला विद असम’ अभियान के तहत बाढ़ पीड़ितों की मदद में जुटा कमला गोवानी ट्रस्ट

असम में आई भीषण बाढ़ के बाद प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए ‘कमला अंकिबाई घमंदीराम गोवानी ट्रस्ट’ सहायता कार्य में जुटा हुआ है।ट्रस्ट के स्वयंसेवक मैदान में उतरकर असम के विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य संचालित कर रहे हैं....

बाढ़ पीड़ितों की मदद में जुटा कमला गोवानी ट्रस्ट- फोटो : न्यूज4नेशन

N4N Desk : असम में आई भीषण बाढ़ के बाद प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए ‘कमला अंकिबाई घमंदीराम गोवानी ट्रस्ट’ बड़े पैमाने पर सहायता कार्य में जुटा हुआ है। ट्रस्ट की ट्रस्टी निदर्शना गोवानी के नेतृत्व में 'कमला विद असम' (Kamla with Assam) पहल के जरिए बाढ़ प्रभावित इलाकों में निरंतर राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है और पीड़ित परिवारों की हरसंभव सहायता की जा रही है।


जोरहाट और सिवसागर के प्रभावित इलाकों में बांटी जा रही राहत सामग्री 

ट्रस्ट के स्वयंसेवक मैदान में उतरकर जोरहाट और सिवसागर सहित असम के विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य संचालित कर रहे हैं। प्रभावित परिवारों को दैनिक उपयोग की वस्तुएं जैसे थाली, गिलास, बर्तन, कढ़ाई, चम्मच, सैनिटरी पैड, मोमबत्ती, माचिस और मच्छरों से बचाव की सामग्री सहित अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि आपदा के इस समय में लोगों को बुनियादी दिक्कतों का सामना न करना पड़े।


निदर्शना गोवानी ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा से की मुलाकात 

असम के प्रति अपनी निरंतर प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए निदर्शना गोवानी ने राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को ट्रस्ट द्वारा चलाए जा रहे राहत और बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही कमला ट्रस्ट ने असम के पुनर्वास प्रयासों को मजबूती देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री राहत कोष (CMRF) में भी अपना योगदान दिया।


राहत के बाद पुनर्निर्माण और पुनर्वास में भी करेंगे सहयोग: निदर्शना गोवानी 

निदर्शना गोवानी ने कहा कि इस कठिन समय में असम के लोगों के साथ खड़े रहना उनकी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहत सामग्री का वितरण पहला कदम है; जैसे-जैसे बाढ़ की स्थिति में सुधार होगा, कमला ट्रस्ट प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण और पुनर्वास के कार्यों में भी पूरी निष्ठा के साथ सहयोग करेगा। उन्होंने आम नागरिकों से भी बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए आगे आने और सामूहिक भागीदारी निभाने की अपील की।