Bihar STF Attacked: सीमांचल में ड्रग्स तस्करों का खौफ, STF टीम को बनाया निशाना,फायरिंग के बीच 1 अधिकारी और 3 जवान लहूलुहान,3 गिरफ्तार

Araria News: अररिया के नरपतगंज में स्मैक तस्करों को पकड़ने गई पटना STF टीम पर जानलेवा हमला। फायरिंग और लाठी-डंडों से हमला कर तस्कर को छुड़ाया, STF के 4 कर्मी घायल। मुख्य आरोपी समेत 3 गिरफ्तार।

बिहार के अररिया जिले के नरपतगंज थाना क्षेत्र स्थित खैरा गढ़िया गाँव में दिनदहाड़े स्मैक तस्करों को गिरफ्तार करने पहुँची पटना STF की टीम पर बेखौफ अपराधियों और उनके समर्थकों ने जानलेवा हमला कर दिया। इस दौरान उग्र भीड़ ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला बोलकर स्मैक समेत पकड़े गए मुख्य तस्कर को STF की हिरासत से छुड़ा लिया। इस हिंसक झड़प के दौरान दोनों ओर से कई राउंड ताबड़तोड़ फायरिंग भी हुई।


अधिकारी समेत 4 पुलिसकर्मी लहूलुहान, सदर अस्पताल में इलाज जारी

तस्करों और असामाजिक तत्वों द्वारा किए गए अचानक हमले में एसटीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी और 3 जवान गंभीर रूप से घायल होकर खून से लथपथ हो गए। घटना की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जवानों को गंभीर चोटें आई हैं। घटना के तुरंत बाद सभी घायल पुलिसकर्मियों को आपातकालीन स्थिति में इलाज के लिए अररिया सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर नज़र बनाए हुए है।


एसपी का कड़ा एक्शन: मुख्य आरोपी समेत 3 गिरफ्तार, मुखिया पति पर भी कसेगा शिकंजा

मामले की गंभीरता को देखते हुए अररिया के पुलिस कप्तान (एसपी) जितेंद्र कुमार ने त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिया है। एसपी ने बताया कि घटना के सिलसिले में मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही, खैरा गढ़िया पंचायत के स्थानीय मुखिया पति उमर फारूक की भूमिका भी जांच के दायरे में है और उन पर भी कानूनी शिकंजा कसने की पूरी तैयारी की जा रही है।


सीमांचल में तस्करों के बढ़ते मनोबल से पुलिसिया तंत्र पर उठे गंभीर सवाल

दिनदहाड़े राजधानी पटना से आई विशेष पुलिस टीम पर हमले और फायरिंग की इस दुस्साहसिक वारदात ने पूरे प्रशासनिक और पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया है। इस घटना के बाद सीमांचल इलाके में स्मैक और ड्रग तस्करों के तेजी से बढ़ते मनोबल को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया तंत्र पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोग और विश्लेषक अब यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर तस्करों में कानून का डर पूरी तरह खत्म कैसे हो गया।

अररिया से राकेश कुमार भगत की रिपोर्ट