आरा के प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां अरण्य देवी मंदिर में उमड़ी भारी भीड़, त्रेता और द्वापर युग से जुड़ा है ऐतिहासिक महत्व

शारदीय नवरात्र के आज सातवें दिन मां का पट खुल गया है। पट खुलते ही आरा के प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां अरण्य देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है। मां का दर्शन करने के लिए लोग सुबह से मंदिर में पहुंच माता का दर्शन कर रहे है.....

मां अरण्य देवी मंदिर में उमड़ी भारी भीड़- फोटो : आशीष श्रीवास्तव

Arrah : देशभर में शारदीय नवरात्रि का पर्व अत्यंत उत्साह, उल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। चारों तरफ गूंज रहे माता के भक्ति गीतों से पूरा परिवेश पूरी तरह से भक्तिमय हो चुका है। 


भोजपुर जिले की अधिष्ठात्री देवी और ऐतिहासिक सिद्धपीठ मां अरण्य देवी मंदिर में सुबह मंगला आरती के बाद से ही दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। सुबह से ही दूर-दराज से पहुंचे भक्तगण कतारबद्ध होकर माता के अलौकिक दर्शन कर रहे हैं और अपने परिवार की सुख-शांति की कामना कर रहे हैं।


भगवान राम और पांचों पांडवों के इतिहास से जुड़ा है मां अरण्य देवी का प्राचीन महत्व

माता अरण्य देवी का यह पावन मंदिर हजारों वर्षों के इतिहास को अपने भीतर समेटे हुए है। धार्मिक और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, धनुष यज्ञ में शामिल होने के लिए जाते समय मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने भी यहां माता की पूजा-अर्चना की थी। 


इसके अलावा, अपने अज्ञातवास के दौरान पांचों पांडवों ने भी मां अरण्य देवी के दरबार में हाजिरी लगाकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया था। यही कारण है कि देश के कोने-कोने से लाखों की संख्या में श्रद्धालु नवरात्र के इन पवित्र दिनों में माता के दर्शन के लिए आरा पहुंचते हैं।


सुरक्षा के कड़े इंतजाम और शांतिपूर्ण दर्शन की व्यवस्था

देश के इस विशिष्ट सिद्ध एवं शक्तिपीठ मंदिर में नवरात्र के दौरान उमड़ने वाली अपार भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन द्वारा सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं। मंदिर परिसर से लेकर आसपास के इलाकों तक पुलिस बल और अधिकारियों की तैनाती की गई है, ताकि सभी भक्तगण बिना किसी असुविधा के शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से माता के दर्शन और पूजन संपन्न कर सकें।


आशीष की रिपोर्ट