Ara Ashtadhatu Statue: तीन साल बाद मालखाना से मुक्त हुई राम दरबार की अष्टधातु मूर्तियां, भक्तों में दौड़ी खुशी की लहर

Ara Ashtadhatu Statue: आरा के कोईलवर थाना मालखाना में तीन साल से रखी राम दरबार की अष्टधातु मूर्तियां अदालत के आदेश पर मुक्त की गईं। छह लाख के बेल बांड के बाद मूर्तियां मठ को सौंपी गईं।

तीन साल से रखी राम दरबार की अष्टधातु मूर्तियां - फोटो : news4nation

Ara Ashtadhatu Statue: आरा जिले के कोईलवर थाना के मालखाना में तीन साल से बंद राम दरबार के अष्टधातु के 7 मूर्ति समेत मुकुट के बेलर मिलने के बाद मंगलवार (10 फरवरी 2026) को सभी बरामद मूर्ति को मुक्त कर दिया गया। सभी मूर्ति को सीजीएम न्यायालय में  छह लाख रुपये बेल बांड भरने के बाद कोईलवर थाना से मुक्त किया गया। राम दरबार के सभी मूर्तिया को विधिवत पूजा पाठ के बाद बक्सर जिला के कृष्णब्रह्म थाना के बड़का धकाईच के मठ के सचिव कन्हैया दुबे, सुधीर दुबे, रौशन पांडेय, नवीन कुमार सिंह, अधिवक्ता धनेश पांडेय अष्टधातु की मूर्ति को लेकर कृष्णब्रह्म के लिए प्रस्थान किये।

तीन साल के बाद मालखाना से मूर्ति को मुक्त किये जाने के बाद रामभक्तों के बीच खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मौके पर थानाध्यक्ष नरोतमचन्द्र, अपर थानाध्यक्ष सुभाष कुमार मंडल, पुष्कर कुमार और पूर्व मालखाना प्रभारी उपेंद्र चौधरी मौजूद थे। मालूम हो कि 21 जनवरी 2023 को बक्सर जिला के कृष्णब्रह्म थाना के बड़की धकाईच के रामजानकी मठ से राम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान, लड्डू गोपाल समेत सात मूर्तिया और एक मुकुट चोरी कर ली गयी थी। चोरी सभी मूर्तिया को 22 जनवरी 23 को ही अहले सुबह कोईलवर पुलिस ने आरा-छपरा मोड़ से मूर्ति को एक कार से बरामद कर लिया गया। जिसमें एक कट्टा के साथ चोर को गिरफ्तार किया गया था।

रामजानकी मठ से तीन मूर्ति चोरी हुई थी

इससे पहले भी 6 जून 2011 में रामजानकी मठ से तीन मूर्ति चोरी हुई थी। जिस समय पुजारी भुनेश्वर दास की हत्या कर दी गयी थी। जिसमें तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। चोरी हुई तीन मूर्ति को 2013 में कोईलवर थाना क्षेत्र से बरामद किया गया था। जिसे मुक्त करा पुनः रामजानकी मठ बड़का धकाईच में स्थापित कर दिया गया था। 

अष्टधातु मूर्ति की कीमत

बरामद अष्टधातु मूर्ति की कीमत लगभग साठ करोड़ रुपये से अधिक बतायी गयी है। जिसे मालखाना से मुक्त कराने के लिए बड़का धकाईच के सरपंच बिंदु देवी और कुसुम देवी ने छह लाख रुपये के बेल बांड भरने के बाद न्यायालय के आदेश मुक्त कर दिया गया। रामजानकी मंदिर के सचिव कन्हैया दुबे ने बताया कि तीन सौ साल पहले नेपाल के महाराजा ने मठ में मूर्ति स्थापित कराया था।

आरा से आशीष की रिपोर्ट