15 फीट तक ऊँची प्रतिमाएँ और गंगा की मिट्टी का जादू, बसंत पंचमी के लिए सजने लगे आरा के पंडाल, अंतिम रूप देने में जुटे कारीगर

आरा में सरस्वती पूजा की तैयारियाँ जोरों पर हैं। मूर्तिकार मुन्ना कुमार और उनकी टीम 15 फीट तक ऊँची आकर्षक प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटी है।

Arrah : बसंत पंचमी और विद्या की देवी माँ सरस्वती की पूजा को लेकर भोजपुर जिले में उत्साह का माहौल है। जैसे-जैसे पूजा की तिथि नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे मूर्तिकारों की व्यस्तता बढ़ गई है। आरा के चर्चित मूर्तिकार मुन्ना कुमार और उनकी टीम दिन-रात मूर्तियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं ताकि समय पर पूजा पंडालों तक प्रतिमाएँ पहुँचाई जा सकें।

पीढ़ियों से चला आ रहा है विरासत का काम 

आरा के मूर्तिकार मुन्ना कुमार बताते हैं कि मूर्ति निर्माण का यह कार्य उनकी चार पीढ़ियों से चला आ रहा है। इस वर्ष उन्होंने लगभग 50 मूर्तियों का निर्माण किया है। अपनी विरासत और रोजगार को जीवित रखने के लिए ये कलाकार पूरी श्रद्धा के साथ आकर्षक और सुंदर प्रतिमाएँ गढ़ रहे हैं।

15 फीट तक ऊँची आकर्षक प्रतिमाएँ 

बाजार की मांग को देखते हुए इस बार 10 फीट से लेकर 15 फीट तक ऊँची माँ सरस्वती की प्रतिमाओं का निर्माण किया जा रहा है। इन मूर्तियों के निर्माण में पुआल, बाँस की लकड़ी, माँ गंगा की पवित्र मिट्टी और विभिन्न प्रकार के रंगों व केमिकल का उपयोग किया जाता है। मूर्तिकार पिछले एक महीने से इन प्रतिमाओं को आकार देने में लगे हुए हैं।

महंगाई का असर और मूर्तियों के दाम 

महंगाई के इस दौर में मूर्तिकारों के सामने कई चुनौतियां हैं। रंग, पेंट और केमिकल के दाम बढ़ जाने के कारण मूर्तियों की निर्माण लागत में काफी वृद्धि हुई है। इस कारण बाजार में प्रतिमाओं की कीमत 10,000 रुपये से लेकर 20,000 रुपये तक रखी गई है। कलाकारों का कहना है कि स्ट्रक्चर निर्माण से लेकर रंग-रोगन तक की मेहनत के हिसाब से मुनाफा कम है, फिर भी वे इस पारंपरिक कार्य को आगे बढ़ा रहे हैं।

Report - ashish srivastav