Bihar News: बालूघाट बना रणभूमि, मजदूरी की आग में सुलगा बागागांव, लाठीचार्ज के बाद पत्थर चले, छह घंटे तक ठप रहा यातायात

Bihar News: भोजपुर जिले के अजीमाबाद थाना क्षेत्र मेंकानून-व्यवस्था उस वक्त कटघरे में खड़ी नजर आई, जब बालूघाट पर मजदूरी की मांग ने हिंसक शक्ल अख्तियार कर ली...

मजदूरी की आग में सुलगा बागागांव- फोटो : reporter

Bihar News: भोजपुर जिले के अजीमाबाद थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था उस वक्त कटघरे में खड़ी नजर आई, जब बालूघाट पर मजदूरी की मांग ने हिंसक शक्ल अख्तियार कर ली। बागागांव के पास मजदूरों ने अपनी रोज़ी-रोटी के सवाल पर सड़क को बंधक बना लिया और देखते ही देखते पूरा इलाका अफरा-तफरी का अड्डा बन गया। करीब छह घंटे तक सड़क जाम रही, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया और राहगीर हलकान होते रहे।

बताया जाता है कि बालूघाट पर काम करने वाले मजदूर लंबे समय से मजदूरी बढ़ाने की मांग कर रहे थे। जब उनकी आवाज़ अनसुनी होती रही तो गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। मजदूरों ने सड़क पर बैठकर नारेबाज़ी शुरू कर दी और काम बंद कर दिया। हालात बिगड़ते देख स्थानीय प्रशासन हरकत में आया और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। शुरुआत में पुलिस ने समझाइश का रास्ता अपनाया, लेकिन भीड़ के तेवर तल्ख होते चले गए।

स्थिति उस वक्त बेकाबू हो गई, जब जाम हटाने की कोशिश में पुलिस और मजदूरों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। लाठियां चलने के बाद माहौल और ज्यादा गर्म हो गया। गुस्साए मजदूरों ने पुलिस पर रोड़ेबाज़ी शुरू कर दी। पत्थर चलने लगे, चीख-पुकार मच गई और पूरा इलाका कुछ देर के लिए जंग के मैदान में तब्दील हो गया।

इस टकराव के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया। दुकानों के शटर गिर गए, लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। सड़क पर खड़े वाहन फंसे रह गए और चारों तरफ हंगामे का मंज़र था। कुछ समय तक हालात पूरी तरह बेकाबू रहे, लेकिन अतिरिक्त पुलिस बल के पहुंचने के बाद धीरे-धीरे स्थिति पर काबू पाया गया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं और मामले की जांच की जा रही है। उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और कानून के मुताबिक कार्रवाई होगी। वहीं मजदूरों का कहना है कि जब तक मजदूरी का मसला हल नहीं होगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

बालूघाट से उठा यह बवाल एक बार फिर यह सवाल छोड़ गया है कि रोज़ी-रोटी की लड़ाई कब जुर्म और जंग में तब्दील हो जाती है, और प्रशासन इसे वक्त रहते क्यों नहीं संभाल पाता।

रिपोर्टर- आशीष कुमार