Bhojpur ammunition smuggling: भोजपुर में कारतूस तस्करी का खुलासा, 20 हजार से अधिक गोलियों के साथ तीन गिरफ्तार; लोडेड पिस्टल बरामद

भोजपुर के कोईलवर में पुलिस और एसटीएफ ने 20 हजार से अधिक 7.65 एमएम कारतूस और लोडेड पिस्टल के साथ तीन कथित तस्करों को गिरफ्तार किया। जानें पूरी कार्रवाई।

Bhojpur ammunition smuggling: बिहार के भोजपुर जिले में कोईलवर पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने अवैध कारतूस तस्करी के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार को कोईलवर थाना क्षेत्र के मनभावन मोड़ के पास पुलिस ने एक सफारी कार को घेरकर तीन लोगों को गिरफ्तार किया। कार से 20 हजार से अधिक कारतूस और एक लोडेड पिस्टल बरामद की गई है। गिरफ्तार आरोपितों में दो मुजफ्फरपुर और एक सिवान जिले का रहने वाला है।


पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लाए जा रहे थे कारतूस


पुलिस सूत्रों के अनुसार, बरामद सभी कारतूस 7.65 एमएम के हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि इन्हें पश्चिमी उत्तर प्रदेश से बिहार लाया जा रहा था। तस्करों की योजना इन कारतूसों को मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार के अलग-अलग इलाकों में पहुंचाने की थी। पुलिस को पहले ही सूचना मिली थी कि एक सफारी कार से भारी मात्रा में अवैध कारतूस बिहार लाए जा रहे हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस और एसटीएफ की टीम ने रविवार से ही निगरानी और घेराबंदी शुरू कर दी थी। हालांकि, तस्कर रविवार रात वाराणसी में रुक गए।


सोमवार सुबह उनके बिहार में प्रवेश करने की सूचना मिलते ही पुलिस और एसटीएफ की टीम सतर्क हो गई। रास्ते में कई जगह घेराबंदी की गई। इसके बावजूद तस्कर पुलिस को चकमा देकर आगे बढ़ते रहे। सुबह करीब 10:30 बजे संयुक्त टीम ने मनभावन मोड़ के पास मोर्चा संभाल लिया। जैसे ही सफारी कार वहां पहुंची, पुलिस ने उसे चारों तरफ से घेर लिया।


भागने के दौरान दो कारों में मारी टक्कर


पुलिस से घिरने के बाद सफारी सवार तस्करों ने भागने की कोशिश की। गाड़ी मोड़ने के दौरान उन्होंने पीछे से आ रही हैरियर कार में टक्कर मार दी। इसके बाद आगे निकलने की कोशिश में सामने से आ रही नेक्सन कार को भी टक्कर मार दी। टक्कर से दोनों कारों का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद पुलिस ने सफारी कार में सवार तीनों आरोपितों को पकड़ लिया।


मोबाइल और GPS का नहीं कर रहे थे इस्तेमाल


पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, तस्कर अपनी पहचान और गतिविधियों को छिपाने के लिए काफी सतर्कता बरत रहे थे। वे मोबाइल फोन, GPS या किसी दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का इस्तेमाल नहीं कर रहे थे। कार की तलाशी के दौरान एक आरोपित की कमर से लोडेड पिस्टल बरामद हुई। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में तीनों आरोपितों ने कारतूस तस्करी के धंधे में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।


एसटीएफ के वरिष्ठ अधिकारी ने की पूछताछ


कारतूस की बड़ी खेप बरामद होने के बाद सोमवार दोपहर एसटीएफ के वरिष्ठ अधिकारी अंजनी सिंह भी पटना से कोईलवर पहुंचे। उन्होंने गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ की। पुलिस और एसटीएफ अब आरोपितों के आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कारतूस कहां से खरीदे गए थे और बिहार में किन लोगों तक पहुंचाए जाने थे। पुलिस इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े सप्लायर और अन्य लोगों की पहचान में भी जुटी है।