Bihar Crime : भोजपुर में साइबर गिरोह का भंडाफोड़, ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर रोज लाखों का ट्रांजेक्शन, 2 गिरफ्तार

Bihar Crime : भोजपुर पुलिस ने वजीर-13 गेम के नाम पर 'वजीर' बनने का खेल खत्म कर दिया है. कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 9 मोबाइल और 2 लैपटॉप के साथ साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है....पढ़िए आगे

साइबर अपराधी गिरफ्तार - फोटो : ASHISH

ARA : भोजपुर जिले की साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग के जरिए लोगों से ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर शाहपुर थाना क्षेत्र के कनैली गांव में छापेमारी कर इस गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। अपराधियों के पास से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और बैंक दस्तावेज बरामद किए गए हैं, जिनका उपयोग वे अवैध वित्तीय लेनदेन के लिए कर रहे थे।

छापेमारी में लैपटॉप और दर्जनों मोबाइल बरामद

पुलिस को सूचना मिली थी कि शाहपुर के कनैली निवासी मृत्युंजय कुमार पाण्डेय के घर से संदिग्ध गतिविधियां संचालित हो रही हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने वहां दबिश दी, जहां से दो संदिग्धों को पकड़ा गया। मौके से पुलिस ने 9 मोबाइल फोन, 2 लैपटॉप और 3 बैंक पासबुक जब्त किए। शुरुआती पूछताछ और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच के बाद साइबर अपराध में उनकी संलिप्तता के पुख्ता साक्ष्य मिलने पर उन्हें साइबर थाना लाया गया।

प्रतिदिन 12 लाख रुपये का होता था अवैध खेल

पूछताछ के दौरान गिरफ्तार अभियुक्तों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि वे 'वजीर 13' (Wazir 13) नामक साइट पर लोगों को अवैध रूप से गेम खिलवाते थे। इस नेटवर्क के जरिए प्रतिदिन विभिन्न बैंक खातों में लगभग 11 से 12 लाख रुपये मंगवाए जाते थे। लोगों को लालच देने के लिए गेम जीतने के नाम पर हर दिन 4 से 5 लाख रुपये यूपीआई (UPI) और नेट बैंकिंग के माध्यम से वापस भेजे जाते थे, ताकि अधिक से अधिक लोग इस जाल में फंसें।

तकनीकी जांच में वित्तीय हेराफेरी की पुष्टि

साइबर पुलिस ने जब अभियुक्तों के मोबाइल, लैपटॉप और बैंक खातों की तकनीकी जांच की, तो पाया गया कि वे दर्जनों अनजान लोगों के बैंक खातों का उपयोग अवैध लेन-देन के लिए कर रहे थे। ये अपराधी नेट बैंकिंग और यूपीआई के माध्यम से गेमिंग के नाम पर पैसों की हेराफेरी कर रहे थे। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस गिरोह के तार और किन-किन जिलों या राज्यों से जुड़े हैं और इस सिंडिकेट का मास्टरमाइंड कौन है।

नए कानून के तहत पहली बार बड़ी कार्रवाई

पुलिस ने पकड़े गए अभियुक्तों के खिलाफ 'प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट 2025', भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट 2000 की विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा रहा है। साइबर थाना पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान गेमिंग साइट पर पैसा लगाने से बचें और सतर्क रहें।

आशीष की रिपोर्ट