Bihar News : भोजपुर में बाढ़ के पानी में डूबने से किसान की हुई मौत, मवेशियों का चारा लाने के दौरान हुआ हादसा

भोजपुर जिले में बाढ़ के पानी में डूबने से एक किसान की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ, जब किसान मवेशियों के लिए चारा लाने के दौरान गहरे पानी में चला गया।

किसान की मौत - फोटो : ASHISH

ARA : बिहार के भोजपुर जिले में बाढ़ का कहर जारी है, जहां पानी के तेज बहाव और गहराई के कारण एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पिरैटा गांव में मवेशियों के लिए चारा लाने गए एक 34 वर्षीय किसान की बाढ़ के गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। इस हादसे के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है और पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।

मृतक किसान की पहचान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पिरैटा गांव निवासी स्वर्गीय जलेसर प्रसाद के 34 वर्षीय पुत्र तपेश्वर प्रसाद के रूप में की गई है। परिजनों के अनुसार, तपेश्वर खेती-किसानी और पशुपालन कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। बुधवार को वह रोज की तरह अपने मवेशियों के लिए हरा चारा इकट्ठा करने के लिए गांव के समीप बह रहे बाढ़ के पानी के पास गया हुआ था।

चारा काटने के दौरान किसान का पैर फिसल गया या वह पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लगा सका और अचानक गहरे बाढ़ के पानी में चला गया। पानी का तेज बहाव और अत्यधिक गहराई होने के कारण वह खुद को संभाल नहीं पाया और डूबने लगा। आसपास मौजूद अन्य ग्रामीणों ने जब उसे डूबते देखा तो शोर मचाया। शोर सुनकर काफी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए और कड़ी मशक्कत के बाद उसे पानी से बाहर निकाला।

घटना के तुरंत बाद बदहवास परिजन और स्थानीय ग्रामीण आनन-फानन में किसान को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले गए। हालांकि, अस्पताल पहुंचते ही वहां मौजूद डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर सुनते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी।

इस दुखद घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने बाढ़ प्रभावित इलाकों के ग्रामीणों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने लोगों से आग्रह किया है कि बाढ़ के दौरान जलजमाव वाले और गहरे पानी के क्षेत्रों में अकेले न जाएं तथा बच्चों और पशुपालकों को पानी के करीब जाने से रोकें, ताकि भविष्य में इस तरह की हादसों की पुनरावृत्ति न हो सके।

आशीष की रिपोर्ट