औरंगाबाद में पूर्व मुखिया कुणाल प्रताप का मारपीट का कथित वीडियो वायरल, दाउदनगर के निजी अस्पताल में हंगामे और ब्लेड से वार करने का आरोप, गरमाई राजनीति

Bihar News : ओबरा के पूर्व विधायक के पुत्र और पूर्व मुखिया कुणाल प्रताप के कथित वायरल वीडियो से राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गयी है.

मारपीट का वीडियो वायरल - फोटो : DINANATH

AURANGABAD : खुद को जनता का हितैषी और जनसेवक बताने वाले पूर्व मुखिया कुणाल प्रताप का एक विवादित वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद से ही क्षेत्र के राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। इस कथित वीडियो में पूर्व मुखिया द्वारा अभद्र भाषा का इस्तेमाल, धक्का-मुक्की और मारपीट जैसी स्थिति नजर आ रही है। हालांकि, वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय पड़ताल के अनुसार यह मामला दाउदनगर के पिराही बाग स्थित 'अमेज अस्पताल' का बताया जा रहा है। NEWS4NATION इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। 

स्थानीय सूत्रों और चर्चाओं के अनुसार, कुणाल प्रताप अपने समर्थकों के साथ अस्पताल पहुंचे थे, जहां बबलू कुरैशी और उनके एक महिला व एक पुरुष स्टाफ के साथ मारपीट की गई। आरोपों के मुताबिक, इस दौरान पीड़ितों के शरीर पर ब्लेड से भी हमला करने की बात सामने आ रही है, हालांकि पुलिस या प्रशासन ने अभी तक इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

गौरतलब है कि कुणाल प्रताप पूर्व विधायक बीरेंद्र कुमार सिन्हा के पुत्र हैं और वे पूर्व विधायक ऋषि कुमार के करीबी माने जाते हैं। आगामी विधानसभा और पंचायत चुनावों की आहट के बीच उनके इस विवादित रूप को लेकर राजनीतिक विरोधी हमलावर हो गए हैं। विरोधियों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों के सार्वजनिक दावों और उनके व्यक्तिगत व्यवहार में जमीन-आसमान का फर्क है। वहीं, दूसरी ओर उनके समर्थक इस पूरे मामले को राजनीतिक षड्यंत्र करार दे रहे हैं।

इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और राजनीतिक जानकारों के बीच कई तरह के सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले व्यक्तियों का आचरण समाज पर गहरा असर डालता है। यदि जांच में वीडियो की सच्चाई और घटना में शामिल लोगों की भूमिका सिद्ध होती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल, इस पूरे मामले में स्थानीय पुलिस या जिला प्रशासन की तरफ से किसी आधिकारिक कार्रवाई या बयान की जानकारी नहीं मिली है। निष्पक्ष जांच के बाद ही वीडियो की प्रामाणिकता और घटना की असली वजह साफ हो सकेगी, लेकिन इस कथित वीडियो ने इलाके की राजनीति में चर्चाओं का बाजार जरूर गर्म कर दिया है।

दीनानाथ की रिपोर्ट