Bihar News: सदर अस्पताल बना रणक्षेत्र, सड़क हादसे में महिला की मौत पर परिजनों का हंगामा, ओपीडी छोड़ भागे डॉक्टर

Bihar News: एक दर्दनाक सड़क हादसे के बाद सदर अस्पताल हंगामे और अफरा-तफरी का केंद्र बन गया।...

सदर अस्पताल बना रणक्षेत्र- फोटो : reporter

Aurangabad : एक दर्दनाक सड़क हादसे के बाद सदर अस्पताल हंगामे और अफरा-तफरी का केंद्र बन गया। 22 वर्षीय महिला नीलू कुमारी की मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर बवाल काटा, जिससे करीब तीन घंटे तक स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप हो गईं। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ को ओपीडी छोड़कर हटना पड़ा।

मृतका की पहचान रफीगंज थाना क्षेत्र के सैफगंज गांव निवासी अजीत कुमार की पत्नी के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, पति के इलाज के बाद घर लौटते वक्त औरंगाबाद-भदवा पथ पर उनकी बाइक अनियंत्रित हो गई, जिससे नीलू कुमारी गंभीर रूप से घायल हो गईं। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें सदर अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। यहीं से शुरू हुआ गुस्से का विस्फोट। परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का इल्ज़ाम लगाते हुए अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते माहौल इतना बिगड़ गया कि मरीजों में दहशत फैल गई और कई लोग बिना इलाज कराए ही लौटने को मजबूर हो गए।

ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर अभिषेक कुमार और अन्य मेडिकल स्टाफ ने सुरक्षा कारणों से खुद को ओपीडी से अलग कर लिया। अस्पताल प्रबंधन की ओर से समझाने-बुझाने की कोशिशें नाकाम रहीं। परिजन डॉक्टरों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। अस्पताल प्रशासन ने सफाई देते हुए कहा कि महिला की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी। सीसीटीवी फुटेज में भी यह सामने आया कि मरीज के पहुंचते ही जांच की गई और ईसीजी प्रक्रिया पूरी की गई, जिसके बाद मृत्यु की पुष्टि हुई।

स्थिति को काबू में लाने के लिए पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा। नगर थाना की टीम करीब 50 जवानों के साथ मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद हालात पर काबू पाया।करीब तीन घंटे तक अस्पताल की ओपीडी सेवा हंगामे की भेंट चढ़ी रही, जिससे कई गंभीर मरीज परेशान होते रहे। इस घटना ने एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था, आपातकालीन सेवाओं और प्रशासनिक तत्परता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, नीलू कुमारी की असामयिक मौत से परिवार में मातम पसरा है दो मासूम बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया, और एक परिवार अधूरी जिंदगी के दर्द के साथ रह गया। 

रिपोर्ट- दीनानाथ मौआर