Bihar News: राम मंदिर चंदा-चढ़ावे में कथित गड़बड़ी पर कांग्रेस का हल्लाबोल, सुंदरकांड और हवन कर सद्बुद्धि की प्रार्थना

Bihar News: भगवान राम मंदिर में चंदे और चढ़ावे की हेराफेरी को लेकर औरंगाबाद में कांग्रेस ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया।

कांग्रेस का अनोखा विरोध - फोटो : DINANATH

Aurangabad: भगवान राम मंदिर में चंदे और चढ़ावे की कथित हेराफेरी को लेकर औरंगाबाद में कांग्रेस ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। पूर्व विधायक आनंद शंकर सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सुंदरकांड पाठ और हवन का आयोजन किया। कार्यक्रम के दौरान मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों को सद्बुद्धि देने और मंदिर में दान की गई राशि व संपत्ति में कथित अनियमितता की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक आनंद शंकर सिंह ने कहा कि भगवान राम का मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। गरीब, किसान से लेकर धनवान तक, सभी की भावनाएं मंदिर से जुड़ी हैं। ऐसे में मंदिर में आने वाले चंदे और दान की संपत्ति में किसी भी तरह की कथित गड़बड़ी लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत करती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि VHP, RSS और भाजपा से जुड़े लोगों तथा मंदिर से जुड़े कुछ कर्मचारियों की ओर से मंदिर में जमा चंदे और दान की संपत्ति में कथित तौर पर अनियमितता की गई है। उन्होंने दावा किया कि सिंधी समाज समेत देशभर के श्रद्धालुओं ने मंदिर के लिए चांदी की ईंटें, सोना, चांदी, आभूषण और नकद राशि दान की।आनंद शंकर सिंह के मुताबिक, करीब 2 करोड़ रुपये मूल्य की चांदी की ईंटें दान किए जाने की बात सामने आई, लेकिन कथित तौर पर दान की पूरी सूची तैयार नहीं की गई और दानदाताओं को रसीद भी नहीं दी गई। उन्होंने मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की पारदर्शी जांच की मांग की।

पूर्व विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि मंदिर ट्रस्ट को स्वायत्त स्वरूप दिया गया है और उसके कामकाज को लेकर पारदर्शिता का सवाल उठता रहा है। उन्होंने ट्रस्ट के सदस्यों की राजनीतिक और संगठनात्मक पृष्ठभूमि पर भी सवाल खड़े किए। उनके अनुसार, ट्रस्ट के 15 सदस्यों में से 13 का संबंध VHP, RSS या भाजपा से रहा है।उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रस्टियों, उनके कथित विश्वासपात्रों और रिश्तेदारों के जरिए गबन किया गया है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि समय-समय पर ऑडिट में भी कथित अनियमितताओं की जानकारी सामने आई, लेकिन इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आना बाकी है।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसी कथित अनियमितता के विरोध में सुंदरकांड का पाठ किया और हवन किया। कार्यक्रम के आयोजकों ने कहा कि भगवान से प्रार्थना की गई कि मंदिर ट्रस्ट से जुड़े लोगों को ‘सद्बुद्धि’ मिले और भविष्य में किसी भी आस्था के केंद्र पर श्रद्धालुओं की ओर से दिए गए चंदे और दान की संपत्ति में किसी तरह की गड़बड़ी न हो।कांग्रेस ने पूरे मामले में पारदर्शिता, जवाबदेही और दान की राशि एवं संपत्ति का सार्वजनिक हिसाब सामने लाने की मांग की है। अब देखना होगा कि इन आरोपों पर मंदिर ट्रस्ट और संबंधित पदाधिकारियों की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है।

रिपोर्ट- दीनानाथ मौआर