Bihar News : 'जिला प्रशासन आपके द्वार' या प्रशासनिक जलसा? औरंगाबाद में महिलाओं ने कार्यक्रम की खोली पोल, कहा किसी ने नहीं सुनी समस्याएं

AURANGABAD : बिहार सरकार के द्वारा निहित महत्वपूर्ण कार्यक्रम "जिला प्रशासन आपके द्वार" का ग्रामीण महिलाओं ने पोल खोल दिया है। महिलाओं का कहना है कि इस कार्यक्रम में काम नहीं होता बल्कि जलसा बन कर रह गया है। कल औरंगाबाद जिला के बारुण प्रखंड अंतर्गत बर्डीखुर्द ग्राम में जिला प्रशासन आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसमें सभी महत्वपूर्ण योजनाओं से संबंधित विभागों ने तकरीबन 27 स्टॉल लगाया था। लेकिन ग्रामीणों के अनुसार, इस कार्यक्रम में उनकी समस्या को नहीं सुना गया, बल्कि उन्हें इधर-उधर घुमाया गया।

ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि आवेदन देने के लिए घंटों इधर-उधर घूमते रहे, लेकिन आवेदन किसी ने भी नहीं लिया। जब आवेदन लेने को तैयार भी हुए, तो रिसीविंग देने को तैयार नहीं थे। महिलाओं का स्पष्ट कहना था कि इस कार्यक्रम के तहत केवल कागज के पन्नों पर ही पुष्टि किया जा रहा है कि जिला प्रशासन आपके द्वारा पहुंच, लेकिन हकीकत कुछ और ही है।

महिलाओं ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कई गंभीर सवाल खड़ा किया है, जो जिला प्रशासन के ऊपर सवालिया निशान खड़ा करती है। हालांकि जिला प्रशासन तथा प्रखंड स्तरीय अधिकारी के द्वारा यह कार्यक्रम सुनिश्चित तरीके से सुसज्जित किया गया था, लेकिन यह कार्यक्रम महज एक से डेढ़ घंटा ही चल सका। जैसे ही बड़े अधिकारी का वहां से निकलना हुआ, वैसे ही सभी विभागों के द्वारा लगाए गए स्टॉल को समेट लिया गया और कार्यक्रम को समाप्त कर दिया गया।

इन सारे घटना चक्र को देखने के बाद यह साफ जाहिर होता है कि यह कार्यक्रम केवल प्रशासनिक भौकाल है। अगर इसी तरह यह कार्यक्रम चलता रहा, तो इसे जनता की समस्याओं का निदान नहीं हो सकता।

दीनानाथ की रिपोर्ट