Bihar Crime : बांका के दुधारी चेक डैम में मिला 14 वर्षीय बच्चे का शव, परिजनों ने साथियों पर लगाया हत्या करने का आरोप

BANKA : बांका टाउन थाना क्षेत्र के दुधारी चेक डैम पोखर से सोमवार को 14 वर्षीय बालक का शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान पोखरिया गांव निवासी अनिरुद्ध यादव के पुत्र प्रभास कुमार के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया, जबकि ग्रामीणों के बीच बालक की मौत को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। परिजनों ने गांव के ही चार नाबालिग लड़कों पर हत्या का आरोप लगाया है, वहीं दूसरी ओर डूबने से मौत होने की आशंका भी जताई जा रही है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच में जुटी है।

जानकारी के अनुसार प्रभास कुमार सोमवार को गांव के ही चार दोस्तों के साथ खेलने के लिए घर से निकला था। कुछ देर बाद स्थानीय लोगों ने दुधारी चेक डैम में एक बालक का शव तैरता देखा। इसकी सूचना मिलते ही परिजन और पुलिस मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद शव को पानी से बाहर निकाला गया। तब तक बालक की मौत हो चुकी थी। बेटे का शव देखते ही माता-पिता दहाड़ मारकर रोने लगे। मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।

मृतक के पिता अनिरुद्ध यादव और मां मीना देवी ने पुलिस को दिए आवेदन में गांव के ही चार नाबालिग लड़कों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि आरोपित प्रभास को खेलने के बहाने घर से बुलाकर दुधारी नदी की ओर ले गए, जहां उसके साथ मारपीट कर उसे चेक डैम में फेंक दिया गया। मृतक की मां मीना देवी ने बताया कि घटना से पहले वह घर में चना भूंज रही थीं। इसी दौरान प्रभास ने सत्तू खाने की बात कही थी। थोड़ी देर बाद वह अपने दोस्तों के साथ घर से निकल गया। उन्होंने बताया कि प्रभास अक्सर अपने साथियों के साथ उस ओर खेलने जाया करता था।

इधर ग्रामीणों के बीच यह भी चर्चा है कि बालक की मौत डूबने से हो सकती है। लोगों का कहना है कि खेल के दौरान वह चेक डैम के गहरे पानी में चला गया होगा और हादसे का शिकार हो गया। हालांकि घटना के सही कारणों का अब तक खुलासा नहीं हो पाया है। थानाध्यक्ष सुधीर कुमार ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। आवेदन के आधार पर पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

बांका से चंद्रशेखर कुमार भगत की रिपोर्ट