Bihar Police: कांवड़ियों पर डंडा बरसाने वाले गढ़पुरा के दारोगा को एसपी ने नाप दिया, जांच शुरु, नौकरी पर मंडरा रहा खतरा
Bihar Police: कांवड़ियों के साथ अमर्यादित व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। ...
Bihar Police: बेगूसराय के गढ़पुरा में कांवड़ियों के साथ कथित अमर्यादित व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। हरिगिरी धाम मार्केट से सामने आए इस वीडियो को लेकर पुलिस प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया और गढ़पुरा थाना में तैनात पुलिस अवर निरीक्षक किशन कुमार को निलंबित कर दिया। कार्रवाई के बाद उन्हें मुख्यालय पुलिस केंद्र, बेगूसराय भेज दिया गया है।पुलिस के मुताबिक, 17 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में पुलिस अवर निरीक्षक किशन कुमार कथित तौर पर कांवड़ियों के साथ अनुचित व्यवहार करते नजर आए। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया विधि-व्यवस्था के संधारण में भी त्रुटिपूर्ण कार्य किए जाने की बात सामने आई। वीडियो सामने आते ही मामला महकमे के आला अधिकारियों तक पहुंचा और पुलिस अधीक्षक ने बिना देर किए कार्रवाई का फैसला लिया।
SP की इस कार्रवाई को पुलिस अनुशासन के लिहाज से अहम माना जा रहा है। धार्मिक यात्रा पर निकले कांवड़ियों के साथ पुलिसकर्मियों के व्यवहार को लेकर प्रशासन पहले से संवेदनशील रहता है। ऐसे में वायरल वीडियो ने पुलिस की कार्यशैली और श्रद्धालुओं के साथ व्यवहार को लेकर सवाल खड़े कर दिए।मामले की हकीकत सामने लाने के लिए पुलिस अधीक्षक ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बखरी को विस्तृत जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। जांच अधिकारी वायरल वीडियो के अलावा घटनाक्रम से जुड़े तमाम पहलुओं की पड़ताल करेंगे। पुलिस यह भी देखेगी कि मौके पर वास्तव में क्या हुआ था, पुलिस अधिकारी की भूमिका क्या थी और विधि-व्यवस्था के स्तर पर किसी तरह की चूक हुई या नहीं।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित पुलिस पदाधिकारी के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। यानी निलंबन के बाद भी मामले में विभागीय जांच का शिकंजा जारी रहेगा और जांच के निष्कर्ष के आधार पर अगला फैसला लिया जाएगा।इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की गई है कि ड्यूटी के दौरान अनुशासन और आम लोगों के साथ मर्यादित व्यवहार से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। खासकर धार्मिक यात्राओं के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है।
वायरल वीडियो के बाद तत्काल निलंबन ने यह भी साफ कर दिया है कि सोशल मीडिया पर सामने आने वाले ऐसे मामलों को पुलिस प्रशासन अब गंभीरता से ले रहा है। हालांकि, वायरल वीडियो के आधार पर सामने आए आरोपों की अंतिम सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल गढ़पुरा के इस मामले में निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। रिपोर्ट यह तय करेगी कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रही घटना की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और संबंधित पुलिस अधिकारी की भूमिका कितनी गंभीर थी। इसके बाद ही विभागीय कार्रवाई की अगली तस्वीर साफ होगी।
रिपोर्ट- अजय शास्त्री