Bihar News : केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कोर्ट में किया सरेंडर, सुनवाई के बाद सात साल पुराने मामले में मिली जमानत
Bihar News : बेगूसराय एमपी-एमएलए कोर्ट में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह उपस्थित हुए और अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण किया। इसके बाद न्यायालय ने सुनवाई करते हुए उन्हें जमानत प्रदान कर दी.....जानिए क्या है पूरा मामला
BEGUSARAI : बेगूसराय के सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को साल 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान दिए गए कथित "तीन हाथ जमीन" वाले बयान से जुड़े मामले में बड़ी राहत मिली है। सोमवार को एमपी-एमएलए कोर्ट में आत्मसमर्पण करने के बाद अदालत ने उन्हें जमानत दे दी। जमानत मिलने के बाद गिरिराज सिंह ने राहत जताते हुए इसे न्याय की जीत बताया।
आपको बता दें कि केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय सांसद गिरिराज सिंह सोमवार को बेगूसराय स्थित एसीजेएम सह एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने अदालत में आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें जमानत प्रदान कर दी। यह मामला वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान दिए गए एक विवादित बयान से जुड़ा है। आरोप है कि चुनावी सभा के दौरान दिए गए भाषण में की गई टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ नगर थाना में मामला दर्ज कराया गया था। तत्कालीन जिला प्रशासन के निर्देश पर दर्ज इस मामले में दंगा भड़काने सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। कोर्ट परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि वर्ष 2019 में अमित शाह की चुनावी सभा में दिए गए भाषण के आधार पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और आज भी है। अदालत से राहत मिलने के बाद उन्होंने कहा कि न्याय की जीत हुई है।
वहीं, उनके अधिवक्ता अमरेंद्र कुमार अमर ने पुलिस जांच और आरोप पत्र को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने अदालत को बताया कि पुलिस द्वारा दाखिल आरोप पत्र की मूल प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई है। साथ ही केस डायरी, जब्ती सूची और अन्य आवश्यक दस्तावेज भी रिकॉर्ड पर उपलब्ध नहीं हैं। बचाव पक्ष का कहना है कि 20 पन्नों के आरोप पत्र में केवल तीन पन्ने मूल दस्तावेज हैं, जबकि शेष फोटोकॉपी के रूप में दाखिल किए गए हैं।
उन्होंने इसे जांच प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही बताया। गौरतलब है कि 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान बेगूसराय के जीडी कॉलेज मैदान में आयोजित एक चुनावी सभा में गिरिराज सिंह ने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। इसी बयान को आधार बनाकर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। फिलहाल अदालत से जमानत मिलने के बाद केंद्रीय मंत्री को बड़ी कानूनी राहत मिली है। मामले की आगे की सुनवाई न्यायालय में जारी रहेगी।
अजय शास्त्री की रिपोर्ट