नीतीश सरकार की बड़ी सौगात: ₹146 करोड़ के ग्रिड से चमकेगा बेतिया, ऊर्जा सचिव ने अफसरों को दी सख्त चेतावनी
ऊर्जा सचिव मनोज कुमार सिंह ने बेतिया में निर्माणाधीन 132/33 केवी ग्रिड का औचक निरीक्षण किया। ₹146 करोड़ की इस योजना से चंपारण में लो-वोल्टेज की समस्या खत्म होगी और लाइनमैनों का मोबाइल नंबर अब फ्यूज सेंटर पर उपलब्ध रहेगा।
Bettiah - बिहार में बिजली की व्यवस्था को और अधिक आधुनिक और निर्बाध बनाने के लिए ऊर्जा विभाग पूरी तरह सक्रिय है। शुक्रवार को ऊर्जा सचिव और बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (BSPHCL) के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक मनोज कुमार सिंह ने बेतिया जिले का दौरा किया। उन्होंने मझौलिया प्रखंड के अमवामन (सेनुवरिया) में निर्माणाधीन 132/33 केवी ग्रिड उपकेंद्र और माधोपुर विद्युत शक्ति उपकेंद्र का औचक निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया।
लंबी दूरी की लाइनों से मिलेगी मुक्ति, लो-वोल्टेज का होगा अंत
निरीक्षण के दौरान ऊर्जा सचिव ने बताया कि वर्तमान में बेतिया के मझौलिया और आसपास के क्षेत्रों को मोतिहारी, रक्सौल और बेतिया ग्रिड से बिजली की आपूर्ति की जाती है। ग्रिड की दूरी अधिक होने के कारण उपभोक्ताओं को अक्सर गुणवत्तापूर्ण बिजली और वोल्टेज की समस्या का सामना करना पड़ता है। निर्माणाधीन मझौलिया ग्रिड उपकेंद्र के चालू होते ही 33 केवी लाइनों की लंबाई कम हो जाएगी, जिससे न केवल 'लाइन लॉस' में कमी आएगी, बल्कि क्षेत्र में निर्बाध और हाई-वोल्टेज बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
₹145.98 करोड़ की लागत से तैयार हो रहा है आधुनिक ढांचा
इस महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना पर कुल 145.98 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। योजना के तहत रक्सौल ग्रिड उपकेंद्र में दो नए 'बे' का निर्माण और 132 केवी डबल सर्किट रक्सौल-अमवामन संचरण लाइन बिछाई जा रही है। ऊर्जा सचिव ने कार्य की गुणवत्ता पर संतोष जताते हुए अधिकारियों को इसे समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया ताकि बेतिया अनुमंडल के मझौलिया प्रखंड सहित ग्रामीण क्षेत्रों को सुदृढ़ बिजली मिल सके।
सुरक्षा और सेवा पर विशेष जोर: लाइनमैनों का नंबर होगा सार्वजनिक
माधोपुर विद्युत शक्ति उपकेंद्र के निरीक्षण के दौरान श्री मनोज कुमार सिंह ने अधिकारियों को सीधे तौर पर उपभोक्ताओं और कर्मचारियों की सुरक्षा से जुड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फ्यूज कॉल सेंटर पर अब पंचायत स्तर के लाइनमैन और मानवबल का नाम व मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने कर्मचारियों के लिए सुरक्षा उपकरणों (Safety Equipments) की उपलब्धता सुनिश्चित करने और लाइव लाइन पर काम करते समय सावधानी बरतने के सख्त निर्देश दिए।
प्रशासनिक सुधार और स्क्रैप हटाने की प्रक्रिया तेज
सचिव ने कार्यालयों के समुचित रखरखाव को लेकर भी निर्देश जारी किए। उन्होंने क्षेत्रीय कार्यालयों में जमा पुराने स्क्रैप (कबाड़) को हटाने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए अंचल कार्यालयों को 'शक्ति प्रदत्त' करने की बात कही। इसके अलावा, प्रिवेंटिव मेंटेनेंस के लिए प्रिंटेड रजिस्टर अद्यतन करने और सब-स्टेशनों की सफाई व रखरखाव को लेकर भी अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई।