Bihar News : बेतिया में बच्चा चोरी की अफवाहों पर पुलिस सख्त, भीड़ की हिंसा को लेकर दी चेतावनी, कहा— 'कानून हाथ में लेना पड़ेगा भारी'

BETTIAH : पश्चिमी चंपारण के बेतिया जिले में इन दिनों बच्चा चोरी की अफवाहें जंगल की आग की तरह फैल रही हैं। सोशल मीडिया और मौखिक चर्चाओं के माध्यम से फैलाई जा रही इन भ्रामक सूचनाओं ने आम जनता के बीच भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। दुर्भाग्यवश, इन अफवाहों के कारण जिले के विभिन्न हिस्सों में निर्दोष लोगों, विशेषकर भिखारियों, मजदूरों और बाहरी व्यक्तियों को शक की निगाह से देखा जा रहा है और उनके साथ भीड़ द्वारा मारपीट की छिटपुट घटनाएं भी सामने आई हैं।

अफवाहों पर न दें ध्यान, कोई गिरोह सक्रिय नहीं

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि जिले में किसी भी संगठित बच्चा-चोर गिरोह के सक्रिय होने की कोई पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि व्हाट्सएप और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर साझा की जा रही खबरें पूरी तरह बेबुनियाद और निराधार हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसी किसी भी सूचना पर आँख मूंदकर भरोसा न करें, क्योंकि ये समाज में अशांति फैलाने की एक साजिश मात्र है।

निर्दोषों को निशाना बनाने वालों पर होगी कार्रवाई

पुलिस ने कड़ी चेतावनी दी है कि अफवाहों के आधार पर किसी भी व्यक्ति के साथ मारपीट या प्रताड़ना करना कानूनन जुर्म है। हाल के दिनों में सामने आई भीड़ की हिंसा (Mob Lynching) जैसी प्रवृत्तियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून को अपने हाथ में लेना दंडनीय अपराध है। यदि कोई भीड़ या व्यक्ति किसी संदिग्ध के साथ दुर्व्यवहार करता है, तो पुलिस उनके खिलाफ सख्त कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेजेगी।

संदिग्ध दिखने पर 112 नंबर पर करें कॉल

प्रशासन ने आम नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यदि उन्हें कोई व्यक्ति वास्तव में संदिग्ध दिखाई देता है, तो वे स्वयं न्यायाधीश न बनें। नागरिकों को चाहिए कि वे तुरंत इसकी सूचना नजदीकी थाने को दें या आपातकालीन नंबर 112 पर कॉल करें। पुलिस की टीम त्वरित कार्रवाई के लिए हमेशा तैयार है। प्रशासन का कहना है कि लोगों की सतर्कता जरूरी है, लेकिन संयम खोना समाज और खुद उनके लिए हानिकारक साबित हो सकता है।

शांति और संयम बरतने की अपील

बेतिया पुलिस अब विभिन्न माध्यमों से लोगों के बीच जागरूकता अभियान चला रही है ताकि सामाजिक सौहार्द बना रहे। प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों को आगे न बढ़ाने (शेयर न करने) का अनुरोध किया है। अधिकारियों का मानना है कि केवल जागरूकता और संयम के जरिए ही समाज को सुरक्षित रखा जा सकता है। पुलिस ने साफ किया है कि भ्रामक सूचना फैलाने वाले सोशल मीडिया हैंडल्स पर भी तकनीकी सेल द्वारा पैनी नजर रखी जा रही है। 

आशीष की रिपोर्ट