Bihar Crime : बेतिया पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, CSP कर्मी से लूट के दो शातिर अपराधियों को मुंबई से किया गिरफ्तार

BETTIAH : पश्चिम चंपारण जिले की लौरिया थाना पुलिस ने एक सनसनीखेज लूटकांड का उद्भेदन करते हुए दो शातिर अपराधियों को महाराष्ट्र के मुंबई से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। बेतिया पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. शौर्य सुमन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जानकारी दी कि बीते 16 दिसंबर 2025 को लौरिया थाना क्षेत्र में एक सीएससी (CSC) कर्मी पर जानलेवा हमला कर बाइक, मोबाइल और नकदी लूट ली गई थी। इस घटना के बाद से ही पुलिस की विशेष टीम अपराधियों की तलाश में जुटी थी, जिन्हें आखिरकार गोरेगांव के बांगूरनगर इलाके से दबोच लिया गया।

घटना की जानकारी देते हुए एसपी ने बताया कि अपराधियों ने लूट के दौरान सीएससी कर्मी को चाकू मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए बिहार छोड़कर मुंबई भाग गए थे। हालांकि, बेतिया पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य और मानवीय आसूचना के आधार पर उनका पीछा किया। मुंबई पुलिस के सहयोग से की गई इस छापेमारी में दोनों को गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर लौरिया लाया गया है, जिससे क्षेत्र के अपराधियों में हड़कंप मच गया है।

गिरफ्तार अपराधियों की पहचान साठी थाना क्षेत्र के धमौरा निवासी अबुलैश आलम उर्फ अबुलैश और राजकुमार उर्फ राज के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, इन दोनों का पुराना और संगीन आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। मुख्य आरोपी अबुलैश आलम पर पहले से ही अपहरण और पॉक्सो (POCSO) एक्ट जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। इतना ही नहीं, उसके खिलाफ हरियाणा के सोनीपत जिले में भी आपराधिक मामले दर्ज पाए गए हैं, जो उसके अंतर्राज्यीय नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं।

दूसरे अपराधी राजकुमार उर्फ राज का इतिहास भी उतना ही दागदार है। उस पर साठी थाने में लूटपाट, आर्म्स एक्ट और कई अन्य संगीन धाराओं के तहत पहले से ही मामले दर्ज हैं। एसपी डॉ. शौर्य सुमन ने स्पष्ट किया कि ये अपराधी क्षेत्र में दहशत फैलाने और लूट की घटनाओं को अंजाम देने के आदी रहे हैं। इनकी गिरफ्तारी से न केवल लौरिया लूटकांड का खुलासा हुआ है, बल्कि जिले में होने वाली अन्य संभावित वारदातों पर भी अंकुश लगने की उम्मीद है।

पुलिस अधीक्षक ने इस सफल ऑपरेशन में शामिल पुलिस टीम की सराहना की और कहा कि अपराधियों के लिए अब बिहार से बाहर भागकर छिपना आसान नहीं होगा। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मुंबई में उनके छिपने में किन लोगों ने मदद की थी और क्या उनका कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है। फिलहाल, दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और लूटे गए सामान की बरामदगी के लिए आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

आशीष की रिपोर्ट