एयरपोर्ट, रोड के बाद अब रेल कनेक्टिविटी भी होगी चकाचक, भागलपुर को मिला रेल बाईपास का तोहफा, राशि स्वीकृत

भागलपुर में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए रेल मंत्रालय ने सबौर-गोनूधाम के बीच नए रेल बाईपास को मंजूरी दे दी है। ₹303 करोड़ की लागत से बनने वाले इस 13.38 किमी लंबे लिंक से भीड़भाड़ कम होगी और सफर तेज होगा। सांसद निशिकांत दुबे ने इसे एक बड़ा तो

Bhagalpur - : भागलपुर जिले में रोड नेटवर्क के साथ-साथ अब रेल कनेक्टिविटी को भी मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। रेल मंत्रालय ने भागलपुर जिले में नए रेल बाईपास के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इस फैसले पर सांसद निशिकांत दुबे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से उन्होंने कहा कि यह भागलपुर के लोगों के लिए एक बड़ा तोहफा है, जिसकी मांग काफी लंबे समय से की जा रही थी।

रेल बाईपास से बदलेगी कनेक्टिविटी की तस्वीर

जानकारी के मुताबिक, यह नया रेल बाईपास सबौर से गोनूधाम के बीच बनाया जाएगा। इस पूरी रेल लाइन की लंबाई लगभग 13.38 किलोमीटर होगी। यह नई लाइन सीधे गोनूधाम हाल्ट को सबौर स्टेशन से जोड़ देगी, जो वर्तमान में भागलपुर-साहिबगंज रेल लाइन का हिस्सा है। इस महत्वपूर्ण रेल लिंक के निर्माण में लगभग 303.20 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की संभावना जताई जा रही है, जो इस क्षेत्र के बुनियादी ढांचे में एक बड़ा निवेश है।

भीड़भाड़ से मुक्ति और समय की बचत

इस नए रेल बाईपास के बनने से स्थानीय लोगों और यात्रियों को बड़ी सहूलियत मिलेगी। सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि मुख्य स्टेशन पर लगने वाली भीड़भाड़ की समस्या कम हो जाएगी। ट्रेनों की आवाजाही पहले से आसान और तेज हो सकेगी। इसके अलावा, एक तकनीकी फायदा यह भी होगा कि नया बाईपास बनने के बाद जब ट्रेनों को इस रूट पर लाया जाएगा, तो उनके इंजन को बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे ट्रेनों के रुकने के समय में कमी आएगी, जिससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि यात्रियों को एक फास्ट और आरामदायक सफर का अनुभव भी मिल सकेगा।

भागलपुर में विकास परियोजनाओं की बाढ़

भागलपुर जिले में इस रेल बाईपास के अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं पर भी तेजी से काम चल रहा है। पिछले दिनों शहर के बीचोबीच लोहियापुल से अलीगंज बायपास तक एक फोरलेन सड़क बनाने की योजना सामने आई थी, जिसकी लंबाई लगभग 4 किलोमीटर होगी। इसके साथ ही, भागलपुर-हंसडीहा फोरलेन परियोजना के तहत ढाका मोड़ से भलजोर के बीच बनने वाली सड़क के लिए 28 अप्रैल को टेंडर खोला जाएगा। इस तरह, रेल और सड़क दोनों स्तरों पर हो रहे विकास कार्यों से भागलपुर की सूरत बदलने वाली है।