Vikramshila Setu repair: विक्रमशिला सेतु की मरम्मत के बीच यात्रियों को मिलेगी फेरी सेवा, सुरक्षा पर प्रशासन का फोकस

Vikramshila Setu repair: भागलपुर में विक्रमशिला सेतु की मरम्मत के दौरान यातायात प्रभावित होने पर फेरी सेवा शुरू करने की तैयारी है। DM ने चार फेरी घाटों का निरीक्षण कर सुरक्षा और व्यवस्था के निर्देश दिए।

Vikramshila Setu repair: विक्रमशिला सेतु की मरम्मत और स्थायी व्यवस्था से जुड़े काम के दौरान अगर पुल पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है, तो लोगों के लिए फेरी सेवा शुरू की जाएगी। इसी तैयारी को लेकर भागलपुर के जिलाधिकारी ने सोमवार, 21 सितंबर 2026 को अधिकारियों के साथ जिले के कई फेरी घाटों का निरीक्षण किया।


जिलाधिकारी ने सुबह 11 बजे से बरारी पुल घाट, बियाडा फेरी घाट, सबौर के रजंदीपुर घाट और इसके बाद जहान्वी चौक घाट का जायजा लिया। इस दौरान फेरी सेवा शुरू होने पर यात्रियों की सुरक्षा, भीड़ को संभालने, आने-जाने के रास्ते, रोशनी, सफाई और दूसरी जरूरी सुविधाओं की स्थिति देखी गई।


घाटों तक जाने वाले रास्ते होंगे दुरुस्त


जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि फेरी घाटों तक पहुंचने वाले सभी रास्तों की मरम्मत और जरूरी निर्माण का काम तय मानकों के अनुसार कराया जाए। इसका मकसद यह है कि घाट तक आने-जाने वाले वाहनों को किसी तरह की परेशानी न हो। घाटों पर भीड़ बढ़ने की स्थिति को देखते हुए नियंत्रण कक्ष और अस्थायी थाना कक्ष बनाने को कहा गया है। इसके साथ ही मेडिकल कैंप और यात्रियों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। घाट और वहां तक पहुंचने वाले रास्तों पर पर्याप्त रोशनी लगाने के साथ जरूरी जगहों पर दिशा बताने वाले बोर्ड लगाने को भी कहा गया है।


महिला और पुरुषों के लिए अलग शौचालय


फेरी सेवा का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए घाटों पर महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था की जाएगी। घाटों की नियमित सफाई और जरूरी कर्मचारियों की तैनाती भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। घाट के आसपास लगने वाली दुकानों पर भी निगरानी रखी जाएगी। अधिकारियों को अवैध कब्जे हटाने और घाट के आसपास व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कार्रवाई करने को कहा गया है।


नाव की क्षमता के हिसाब से ही बैठेंगे यात्री


फेरी सेवा में सुरक्षा को सबसे ज्यादा महत्व दिया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जिन नावों या क्रूज का इस्तेमाल किया जाएगा, उनमें उनकी क्षमता के अनुसार ही यात्रियों को बैठाया जाए। नाव या क्रूज के संचालन के लिए जरूरी अनुमति और सभी सुरक्षा नियमों का पालन भी अनिवार्य होगा। यात्रियों की सुविधा के लिए घाटों पर टिकट या कूपन लेने के लिए काउंटर बनाए जाएंगे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दंडाधिकारी, पुलिस अधिकारी और पुलिस बल की तैनाती भी की जाएगी।


सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगी सेवा


निर्देश के मुताबिक फेरी सेवा शुरू होने के बाद नाव या क्रूज का संचालन सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक किया जाएगा। यात्रियों को समय पर सुरक्षित वापस लाने के लिए शाम 5 बजे से नाव या क्रूज को वापसी के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। अगर फेरी सेवा के दौरान किसी नाव या क्रूज के फंसने जैसी स्थिति आती है, तो तुरंत मदद पहुंचाने के लिए एसडीआरएफ की टीम तैनात रहेगी।


फेरी सेवा की जानकारी लोगों तक पहुंचाने की तैयारी


फेरी सेवा शुरू होने से पहले लोगों को इसकी जानकारी देने के लिए व्यापक प्रचार किया जाएगा। जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी को बैनर, पोस्टर, फ्लेक्स और दूसरे माध्यमों से लोगों तक जानकारी पहुंचाने का निर्देश दिया गया है। उप विकास आयुक्त को सभी संबंधित अधिकारियों के साथ तालमेल बनाकर काम की रोजाना समीक्षा करने और प्रगति की रिपोर्ट लेने की जिम्मेदारी दी गई है। विक्रमशिला सेतु पर मरम्मत कार्य के दौरान यातायात प्रभावित होने की स्थिति में फेरी सेवा लोगों के लिए वैकल्पिक आवागमन का माध्यम होगी। प्रशासन की तैयारी का मुख्य मकसद यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही और घाटों पर बेहतर व्यवस्था बनाए रखना है।

Bhagalpur से balmukund kumar