Bihar Fulaut Bridge Project: कोसी नदी पर बन रहा 1478 करोड़ का पुल, इस कारण लटकी है ब्रिज की रफ्तार, चौथी डेडलाइन का मंडराया खतरा

Bihar Fulaut Bridge Project: कोसी नदी पर बन रहे बिहार के सबसे लंबे पुलों में शामिल फुलौत पुल परियोजना एक बार फिर समयसीमा के पेच में फंसती नजर आ रही है।

फुलौत पुल की रफ्तार पर ब्रेक!- फोटो : social Media

Madhepura / Bhagalpur: कोसी नदी पर बन रहे बिहार के सबसे लंबे पुलों में शामिल फुलौत पुल परियोजना एक बार फिर समयसीमा के पेच में फंसती नजर आ रही है। करीब 1478 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट का 97 फीसदी काम पूरा होने का दावा है, लेकिन बचे हुए महज 3 फीसदी काम की सुस्त रफ्तार ने पूरी परियोजना की समयसीमा पर सवाल खड़ा कर दिया है। फरवरी 2027 की मौजूदा डेडलाइन खत्म होने में करीब पांच महीने बाकी हैं और अब चौथी बार मियाद बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

कोसी प्रमंडल के लिए बेहद अहम मानी जा रही इस परियोजना को वर्ष 2015 में मंजूरी मिली थी। प्रक्रियात्मक औपचारिकताओं के कारण निर्माण शुरू होने में करीब छह साल लग गए। सितंबर 2020 में प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए परियोजना का शिलान्यास किया। इसके बाद जून 2021 में निर्माण एजेंसी एफकॉन्स इन्फ्रास्ट्रक्चर ने धरातल पर काम शुरू किया।

अनुबंध के मुताबिक पुल को जून 2024 तक पूरा किया जाना था। लेकिन तय अवधि तक निर्माण की रफ्तार अपेक्षित नहीं रही और करीब तीन साल में 56 फीसदी काम ही पूरा हो सका। इसके बाद डेडलाइन को बढ़ाकर पहले जून 2026 और फिर फरवरी 2027 किया गया। अब मौजूदा समयसीमा में केवल पांच महीने शेष हैं।

परियोजना के तहत करीब 7 किलोमीटर लंबे मुख्य पुल पर 126 स्पैन बनाए गए हैं। मुख्य निर्माण का बड़ा हिस्सा पूरा होने के बावजूद फिनिशिंग और शेष कार्यों की धीमी गति चिंता का सबब बनी हुई है। यदि बचे हुए काम में तेजी नहीं आई तो परियोजना को एक बार फिर नई डेडलाइन मिल सकती है।

फुलौत पुल की अहमियत सिर्फ स्थानीय आवागमन तक सीमित नहीं है। यह कोसी क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण परियोजना है। वीरपुर से बिहपुर तक सीधी सड़क कनेक्टिविटी के लिहाज से भी इसे रणनीतिक महत्व का माना जाता है। ऐसे में 2015 में मंजूरी के बाद निर्माण शुरू होने में वर्षों लगना और निर्धारित अवधि में परियोजना पूरी नहीं होना प्रशासनिक प्रक्रिया, मॉनिटरिंग और निर्माण की रफ्तार पर सवाल खड़े करता है।