Bihar News : भागलपुर में इस्माइलपुर-बिंद टोली तटबंध में धंसी जमीन, 80 मीटर तक उभरीं दरारें, ग्रामीणों में दहशत का माहौल
Bihar News : भागलपुर जिले के इस्माइलपुर-बिंद टोली तटबंध के स्पर संख्या-6 के डाउनस्ट्रीम में धंसान होने और करीब 80 मीटर के दायरे में दरारें उभरने से आसपास के ग्रामीण इलाकों में भारी दहशत फैल गई है।
BHAGALPUR : जिले के इस्माइलपुर-बिंद टोली तटबंध के स्पर संख्या-6 के डाउनस्ट्रीम में सोमवार सुबह धंसान होने और करीब 80 मीटर के दायरे में दरारें उभरने से आसपास के ग्रामीणों में दहशत फैल गई। डाउनस्ट्रीम के सेंक और नोज के आसपास दरारें सामने आने के बाद तटबंध की सुरक्षा को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है। गंगा का जलस्तर घटने के बावजूद तटबंध के समीप धंसान और दरारों ने संभावित खतरे की आशंका बढ़ा दी है। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण सह हाईकोर्ट के अधिवक्ता मुकेश कुमार ने जल संसाधन विभाग के वरीय अधिकारियों को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने के बाद मुख्य अभियंता जयप्रकाश पासवान और बाढ़ प्रमंडल नवगछिया के कार्यपालक अभियंता ई. गौतम कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रभावित स्थल का निरीक्षण कर बचाव कार्य शुरू कराने की पहल की।
बालू भरी बोरियों और एनसी से भरे जा रहे धंसे हिस्से
जल संसाधन विभाग की ओर से फ्लड फाइटिंग के तहत प्रभावित हिस्से को सुरक्षित करने का काम शुरू कर दिया गया है। धंसान वाले स्थान पर बेडवार बनाया जा रहा है। इसके बाद एनसी में बालू भरी बोरियां डालकर खाली और धंसे हुए हिस्सों को भरने का काम किया जा रहा है। सोमवार दोपहर बाद बचाव कार्य में तेजी लाई गई, ताकि प्रभावित क्षेत्र को जल्द से जल्द सुरक्षित किया जा सके।
अभियंता ने बताया
बाढ़ प्रमंडल नवगछिया के कार्यपालक अभियंता ई. गौतम कुमार ने बताया कि स्पर संख्या-6 के डाउनस्ट्रीम में जहां धंसान हुआ है, वहां एनसी डालकर खाली हिस्सों को भरने और उन्हें सुरक्षित करने का काम कराया जा रहा है। उन्होंने तटबंध को सुरक्षित बताया। मौके पर सहायक अभियंता ई. अमितेश कुमार, नयन कुमार, अधिवक्ता मुकेश कुमार समेत जल संसाधन विभाग के अन्य अभियंता मौजूद थे। दरारें सामने आने के बाद स्थानीय ग्रामीणों की नजर अब बचाव कार्य की प्रगति पर टिकी हुई है।
एंटी इरोजन कार्य में शीट पाइलिंग कराने की मांग
इधर, एक्स-आर्मी सह समाजसेवी पंकज कुमार सिंह ने सरकार से एंटी इरोजन कार्य के तहत प्रभावित क्षेत्र में शीट पाइलिंग कराने की मांग की है। उनका कहना है कि तटबंध के संवेदनशील हिस्सों को सुरक्षित करने के लिए प्रभावी और मजबूत बचाव उपाय किए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में कटाव और धंसान की आशंका को कम किया जा सके।स्पर-6 के डाउनस्ट्रीम में दरारें उभरने के बाद तटबंध की मजबूती और दीर्घकालिक सुरक्षा को लेकर स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। अब देखना होगा कि विभाग की ओर से चलाया जा रहा तात्कालिक बचाव कार्य प्रभावित हिस्से को कितना सुरक्षित कर पाता है और शीट पाइलिंग की मांग पर सरकार व विभाग क्या कदम उठाते हैं।
बालमुकुन्द की रिपोर्ट