Bihar Flood News : गंगा का रौद्र रूप ! जहां बैठकर हो रहा था कटाव निरोधी काम, वही मकान नदी में समाया, बाल-बाल बचे इंजीनियर

Bihar Flood News : बिहार के भागलपुर में गंगा का रौद्र रूप देखने को मिला है. जहाँ कटाव स्थल के पास बना मकान नदी में समा गया. मौके पर मौजूद इंजीनियरों ने किसी तरह भागकर जान बचाई....पढ़िए आगे

गंगा में समाया तीन मंजिला मकान - फोटो : BALMUKUND

BHAGALPUR : जिले के बिहपुर विधानसभा क्षेत्र के राघोपुर महादेवपुर में गंगा के भीषण कटाव ने एक बार फिर भयावह मंजर पेश किया है। ताजा घटनाक्रम में उस मकान की तीसरी मंजिल भी देखते ही देखते गंगा की गोद में समा गई, जिसमें बैठकर इंजीनियर कटाव निरोधी कार्य करा रहे थे। अचानक भवन के धंसने से वहां मौजूद इंजीनियरों में अफरातफरी मच गई और वे किसी तरह अपनी जान बचाकर मौके से भागे। बिहपुर क्षेत्र की राजनीतिक अहमियत भी इस घटना को और गंभीर बनाती है। बिहार सरकार में बिहपुर विधानसभा क्षेत्र से जुड़े दो मंत्री हैं—पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेन्द्र और ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल। दोनों मंत्रियों का घर भी इसी विधानसभा क्षेत्र में अवस्थित है। ऐसे में क्षेत्र में लगातार हो रहे गंगा कटाव और उससे उत्पन्न खतरे को लेकर लोगों की उम्मीदें सरकार और जनप्रतिनिधियों से जुड़ी हुई हैं। 

इसी भवन से बाढ़ की निगरानी 

यह घटना गंगा के लगातार बढ़ते कटाव और तेज बहाव के बीच हुई। जिस मकान से विभागीय कार्यों की निगरानी की जा रही थी, वही भवन नदी की धारा में समा गया। तीसरी मंजिल के गंगा में विलीन होने से इलाके में दहशत का माहौल है। घटना ने कटाव प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और बचाव कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, इस भयावह स्थिति के बीच विभागीय अधिकारी और कर्मचारी भी दिन-रात एक करके कटाव रोकने के कार्य में जुटे हुए हैं। कटाव प्रभावित स्थल पर बचाव कार्यों को गति देने और गंगा के बढ़ते दबाव से जमीन को बचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विभाग की टीमें विपरीत परिस्थितियों में भी मोर्चा संभाले हुए हैं। इसके बावजूद गंगा का प्रचंड वेग और कटाव की तीव्रता इन प्रयासों के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है।

दिन-रात मेहनत, फिर भी गंगा का कटाव बना चुनौती

गंगा जिस तेजी से जमीन को अपने आगोश में ले रही है, उससे अब तक किए गए कार्य कई जगह नाकाफी नजर आ रहे हैं। इंजीनियरों के सामने ही तीसरी मंजिल के भवन का नदी में समाना कटाव की भयावहता को बयां कर रहा है। लगातार जमीन धंसने और बड़े हिस्सों के नदी में विलीन होने से आसपास के इलाके में चिंता और दहशत का माहौल है। विभागीय स्तर पर लगातार काम किए जाने के बावजूद गंगा की धारा के दबाव को नियंत्रित करना आसान साबित नहीं हो रहा है। ऐसे में कटाव रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों को और प्रभावी बनाने तथा संवेदनशील स्थलों पर तत्काल सुरक्षा उपायों की जरूरत महसूस की जा रही है।

एक तरफ विभाग की जद्दोजहद, दूसरी तरफ गंगा का कहर

मौजूदा स्थिति में विभागीय कर्मियों की दिन-रात की मेहनत और गंगा के कटाव की भयावहता, दोनों तस्वीरें सामने हैं। कर्मचारी और इंजीनियर कटाव रोकने में जुटे हैं, लेकिन नदी का लगातार जमीन निगलना चुनौती को और गंभीर बना रहा है। इंजीनियरों के सामने ही तीसरी मंजिल के भवन का गंगा में समाना और उनका जान बचाकर भागना इस बात का संकेत है कि हालात कितने विकट हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि लगातार जारी बचाव कार्य गंगा के कटाव पर कितना प्रभावी नियंत्रण स्थापित कर पाते हैं।

बालमुकुन्द की रिपोर्ट