विक्रमशिला सेतु क्षति मामला: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया हवाई सर्वेक्षण, मरम्मत कार्य शीघ्र पूर्ण करने के दिए निर्देश

Bihar News : सीएम सम्राट चौधरी ने आज क्षतिग्रस्त विक्रमशील पुल का हवाई सर्वेक्ष किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को कई कड़े निर्देश दिए। सीएम ने सर्वेक्षण के दौरान नाव से यात्रा करते हुए लोगों को देखकर उनकी पूरी सुरक्षा का ध्यान रखने का निर्देश

सीएम क्षतिग्रस्त पुल का किया हवाई सर्वेक्षण- फोटो : बाल मुकुंद कुमार

Bhagalpur : जिले को सीमांचल और पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण विक्रमशिला सेतु का एक स्लैब क्षतिग्रस्त होने के बाद मंगलवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने सेतु की वर्तमान स्थिति का बारीकी से अवलोकन किया और संबंधित अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा की। इस दौरान उनके साथ पुल निर्माण निगम, एनएच (NH) और बीआरओ (BRO) के वरीय अभियंता भी मौजूद थे, जिन्होंने तकनीकी पहलुओं की जानकारी मुख्यमंत्री को साझा की।


मुख्यमंत्री ने क्षतिग्रस्त भाग के मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्य को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह सेतु उत्तर और दक्षिण बिहार की जीवनरेखा है, इसलिए इसके सुधार कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पुनर्निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों के साथ कोई समझौता न किया जाए और पूरी प्रक्रिया तकनीकी विशेषज्ञों की सीधी निगरानी में संपन्न हो, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


सर्वेक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने गंगा नदी में संचालित वैकल्पिक नाव सेवा का भी अवलोकन किया। वर्तमान में पुल पर आवागमन बाधित होने के कारण भागलपुर के बरारी और बाबूपुर घाट से नवगछिया के महादेवपुर घाट तक नावों और जेटी के माध्यम से लोगों को पार कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को निर्देश दिया कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि लोग बिना किसी जोखिम के गंगा पार कर सकें।


प्रशासनिक स्तर पर यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। सरकारी नावों पर यात्रा पूरी तरह निशुल्क रखी गई है, जबकि निजी नावों के लिए दरें (प्रति व्यक्ति ₹50, बाइक ₹50) निर्धारित कर दी गई हैं। घाटों पर प्रकाश, पेयजल, चिकित्सा शिविर, एम्बुलेंस और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही, क्षमता से अधिक यात्रियों को नाव पर चढ़ने से रोकने के लिए दंडाधिकारी और पुलिस बल की भारी तैनाती की गई है।


प्रशासन का पूरा ध्यान वर्तमान में यातायात के दबाव को नावों के जरिए संतुलित करने पर है, जबकि दूसरी ओर सेतु की मरम्मत के लिए तकनीकी टीमें युद्ध स्तर पर कार्य करने की योजना तैयार कर रही हैं।


इस महत्वपूर्ण अवसर पर जमीनी स्तर पर निगरानी के लिए जिलाधिकारी डॉक्टर नवल किशोर चौधरी, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव सहित अन्य वरीय पदाधिकारी बरारी घाट पर मुस्तैद रहे। 


बालमुकुंद की रिपोर्ट