Bihar Vikramshila Setu: विक्रमशिला सेतु की मरम्मत में मिली बड़ी कामयाबी, पहली बार लॉन्च हुआ स्टील गर्डर, मजबूती की जांच के बाद आगे बढ़ेगा काम
Bihar Vikramshila Setu: भागलपुर में गंगा नदी पर बने विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापन कार्य ने रविवार को एक महत्वपूर्ण मुकाम हासिल कर लिया।
Bihar Vikramshila Setu: भागलपुर में गंगा नदी पर बने विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापन कार्य ने रविवार को एक महत्वपूर्ण मुकाम हासिल कर लिया। लंबे समय से क्षतिग्रस्त पुल की मरम्मत को लेकर चल रही कवायद के बीच पहली बार टूटे हुए हिस्से में स्टील गर्डर लॉन्च किया गया। इस कामयाबी के बाद पुल की मरम्मत प्रक्रिया ने एक नया चरण पार कर लिया है। हालांकि, अभी सेतु पर यातायात बहाल होने की उम्मीद करना जल्दबाजी होगी, क्योंकि लगाए गए गर्डर की मजबूती, स्थिरता और भार सहने की क्षमता की तकनीकी जांच होना बाकी है।
क्षतिग्रस्त हिस्से में पहली बार स्टील गर्डर लॉन्च
जानकारी के अनुसार, गंगा नदी में पुल का एक हिस्सा गिरने और अन्य क्षतिग्रस्त हिस्सों को काटकर हटाए जाने के बाद पुनर्स्थापन का काम शुरू किया गया था। इसी क्रम में रविवार को पहली बार स्टील गर्डर को निर्धारित स्थान पर लॉन्च किया गया। निर्माण एजेंसी और तकनीकी टीम की निगरानी में इस प्रक्रिया को अंजाम दिया गया। इसे मरम्मत अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
गर्डर की मजबूती और स्थिरता की होगी जांच
स्टील गर्डर लॉन्च होने के बाद अब उसके सुदृढ़ीकरण का काम किया जाएगा। इसके साथ ही विशेषज्ञों की टीम उसकी मजबूती, स्थिरता और तकनीकी मानकों के अनुरूप क्षमता की जांच करेगी। यह चरण बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसी के आधार पर यह तय होगा कि आगे के क्षतिग्रस्त हिस्सों में भी इसी तकनीक से गर्डर लगाने की प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ाई जाएगी।पहले हिस्से में लगाए गए गर्डर का काम संतोषजनक रहने और तकनीकी जांच में निर्धारित मानकों पर खरा उतरने के बाद ही अन्य क्षतिग्रस्त हिस्सों में बारी-बारी से स्टील गर्डर लॉन्च किए जाएंगे। ऐसे में फिलहाल निर्माण एजेंसी की प्राथमिकता पहले चरण के काम को पूरी तरह सुरक्षित और तकनीकी रूप से सफल बनाना है।
गंगा में पुल का हिस्सा गिरने के बाद शुरू हुई थी जद्दोजहद
गौरतलब है कि विक्रमशिला सेतु का हिस्सा गंगा में गिरने के बाद पुल की सुरक्षा और आवागमन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे। क्षतिग्रस्त संरचना को हटाने के लिए पहले कटिंग और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया अपनाई गई। इसके बाद पुनर्निर्माण और पुनर्स्थापन का काम शुरू हुआ। इस पूरी प्रक्रिया में तकनीकी सावधानी और सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता दी जा रही है।
कब तक बहाल होगा विक्रमशिला सेतु?
स्टील गर्डर की पहली लॉन्चिंग के बाद भागलपुर सहित आसपास के जिलों के लोगों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। विक्रमशिला सेतु भागलपुर और गंगा पार के इलाकों के बीच आवागमन की महत्वपूर्ण कड़ी है। इसके बाधित रहने से यात्रियों, कारोबारियों, मरीजों और रोजाना आवाजाही करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।हालांकि, पुल के पूरी तरह चालू होने की निश्चित तारीख अभी स्पष्ट नहीं है। पहले गर्डर की तकनीकी जांच, फिर अन्य क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत और अंत में सुरक्षा संबंधी परीक्षण पूरे किए जाएंगे। इसके बाद ही यातायात बहाली को लेकर अंतिम निर्णय लिया जा सकेगा।
फिलहाल स्टील गर्डर की पहली लॉन्चिंग ने पुनर्स्थापन अभियान को नई रफ्तार और उम्मीद जरूर दी है, लेकिन आम लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल अब भी बरकरार है—आखिर कब तक विक्रमशिला सेतु पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह सामान्य हो सकेगी?
रिपोर्ट- अंजनी कुमार कश्यप