बक्सर के इटाढ़ी ओवरब्रिज की क्षति पर भड़की कांग्रेस, चुनावी लाभ के लिए गुणवत्ता से समझौते का लगाया आरोप

बक्सर के इटाढ़ी ओवरब्रिज की क्षति पर भड़की कांग्रेस- फोटो : संदीप वर्मा

Buxar : बिहार के बक्सर जिले में स्थित इटाढ़ी रेल ओवरब्रिज (आरओबी) में उद्घाटन से ठीक पहले सामने आई क्षति और दरारों के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने केंद्र और राज्य की सत्तारूढ़ एनडीए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए तीखा हमला बोला है। बिहार प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन ने एक आधिकारिक बयान जारी कर आरोप लगाया कि नवनिर्मित आरओबी में दरार आना सरकार की निर्माण गुणवत्ता और प्रशासनिक व्यवस्था की एक बड़ी विफलता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह दरार केवल कंक्रीट के पुल में नहीं, बल्कि एनडीए सरकार की नीयत, ईमानदारी और उसकी कार्यशैली में आई दरार को भी पूरी तरह उजागर करती है।


चार-चार बार शिलान्यास के बाद भी जल्दबाजी में हुआ घटिया निर्माण

ओवरब्रिज के निर्माण इतिहास पर सवाल उठाते हुए डॉ. वर्धन ने कहा कि बक्सर के इटाढ़ी में इस रेल ओवरब्रिज का निर्माण वर्षों से लंबित पड़ा था। स्थानीय जनता द्वारा लगातार की जा रही मांग के बावजूद राजनीतिक लाभ के लिए इसका चार-चार बार शिलान्यास किया गया, लेकिन लंबे समय तक धरातल पर काम शुरू नहीं हो सका। उन्होंने आरोप लगाया कि आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर केवल चुनावी फायदा उठाने की नीयत से अचानक काम में जल्दबाजी दिखाई गई और तय निर्माण मानकों तथा तकनीकी सुरक्षा नियमों की सरेआम अनदेखी की गई।


भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के चलते एक सप्ताह में ही पुल हुआ क्षतिग्रस्त

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि जब इस पुल का निर्माण कार्य चल रहा था, तब भी स्थानीय स्तर पर इसकी खराब गुणवत्ता को लेकर कई बार शिकायतें की गई थीं, लेकिन चुनावी लाभ लेने की होड़ में उन सभी चेतावनियों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। उन्होंने बिहार के बुनियादी ढांचा क्षेत्र पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पूरे सूबे में पुल-पुलियों के निर्माण में व्याप्त भ्रष्टाचार, संगठित कमीशनखोरी और विभागीय अधिकारियों की घोर लापरवाही के कारण लगातार इस तरह की शर्मनाक घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे पूरे देश में राज्य की छवि धूमिल हो रही है।


जांच किए बिना 31 मई से पहले चालू किया पुल, रेलवे फाटक बंद होने से जनता परेशान

तकनीकी लापरवाही का ब्योरा देते हुए उन्होंने बताया कि आरओबी को आम जनता के लिए खोलने से पहले उसकी सुरक्षा, लोड क्षमता और निर्माण गुणवत्ता की कोई समुचित या वैज्ञानिक जांच नहीं की गई। आनन-फानन में इसे 31 मई से पहले ही चालू कर दिया गया और नीचे स्थित पारंपरिक इटाढ़ी रेलवे गुमटी फाटक को भी हमेशा के लिए बंद कर दिया गया। लेकिन महज एक सप्ताह के भीतर ही पुल के मुख्य हिस्से में बड़ी दरार और क्षति की तस्वीरें सामने आ गईं, जिसने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सरकारी दावों की पोल खोलकर रख दी है।


चौसा का भी सड़क धंसने का दिया हवाला; उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग

डॉ. स्नेहाशीष वर्धन ने केंद्र और राज्य सरकार की साझा भागीदारी वाले इस प्रोजेक्ट की किसी स्वतंत्र एजेंसी से उच्चस्तरीय जांच कराने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने कहा कि दोषी इंजीनियरों, अधिकारियों और निर्माण एजेंसी की जवाबदेही तय कर उन पर कानूनी शिकंजा कसा जाए। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि बक्सर जिले के ही चौसा में निर्माणाधीन आरओबी के समीप भी उद्घाटन से पहले सड़क धंसने का मामला सामने आ चुका है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि निर्माण कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की गई और जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ बंद नहीं हुआ, तो पार्टी सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।

संदीप की रिपोर्ट