Bihar News : बक्सर में सड़क हादसे के घायलों को मिलेगी ₹1.5 लाख तक के मुफ्त इलाज की सुविधा, 13 अस्पतालों की सूची जारी
Bihar News : बक्सर जिले में योजना के तहत 13 अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है. जहाँ सड़क हादसे में घायल लोगों की इलाज की सुविधा मिलेगी......पढ़िए आगे
BUXAR : सड़क हादसे में घायल व्यक्ति की जान बचाने के लिए अब आर्थिक तंगी इलाज में बाधा नहीं बनेगी। दुर्घटना के बाद समय पर इलाज सुनिश्चित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को डेढ़ लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। बक्सर जिले में इस योजना के तहत 13 सरकारी और निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है। जिला परिवहन पदाधिकारी ने इसकी जानकारी देते हुए लोगों से अपील की है कि सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को तत्काल नजदीकी अधिकृत अस्पताल पहुंचाएं, ताकि समय रहते इलाज शुरू हो सके और उसकी जान बचाई जा सके।
आर्थिक तंगी के कारण नहीं रुकेगा इलाज
सड़क दुर्घटना के बाद शुरुआती समय घायल व्यक्ति के जीवन के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। चिकित्सा की भाषा में इसे 'गोल्डन आवर' कहा जाता है। इस दौरान त्वरित उपचार मिलने से घायल की जान बचने की संभावना बढ़ सकती है। लेकिन कई बार पैसों की कमी, अस्पताल पहुंचाने में देरी और इलाज के खर्च की चिंता के कारण स्थिति गंभीर हो जाती है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत दुर्घटना पीड़ितों को आर्थिक सहायता के बजाय सीधे कैशलेस उपचार की सुविधा देने का प्रावधान किया गया है। जिला परिवहन पदाधिकारी, बक्सर के अनुसार, योजना के अंतर्गत आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से जुड़े तथा इस योजना के लिए अधिकृत अस्पतालों में सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति का अधिकतम सात दिनों तक, प्रति पीड़ित 1.50 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज किया जा सकेगा। इसके तहत पात्र दुर्घटना पीड़ित को इलाज शुरू कराने के लिए अग्रिम भुगतान नहीं करना होगा। हालांकि, सुविधा का लाभ योजना के निर्धारित नियमों और पात्रता के अनुसार मिलेगा।
अस्पताल में भर्ती होते ही शुरू होगी उपचार की प्रक्रिया
योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अधिकृत अस्पताल में पहुंचाने के बाद भर्ती कर उपचार शुरू किया जाएगा। अस्पताल की ओर से टीएमएस 2.0 पोर्टल पर मरीज की ट्रीटमेंट आईडी बनाई जाएगी। इसके बाद पुलिस अधिकारी दुर्घटना, उसमें शामिल वाहन और घायल व्यक्ति की पहचान से संबंधित तथ्यों का सत्यापन करेंगे। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद योजना के प्रावधानों के अनुसार कैशलेस इलाज की सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि दुर्घटना के बाद इलाज की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो और घायल को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सके।
बक्सर के इन 13 अस्पतालों में मिलेगी सुविधा
सिविल सर्जन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बक्सर जिले में योजना के तहत जिन 13 अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है। उनमें सदर अस्पताल, बक्सर, अनुमंडल अस्पताल, डुमरांव, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, ब्रह्मपुर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, नावानगर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सिमरी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, राजपुर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, चक्की, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, इटाढ़ी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, चौगाईं, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, केसठ, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, चौसा, दिव्यालोक चिकित्सा केंद्र, बक्सर और रेनेफोकेयर डायलिसिस प्राइवेट लिमिटेड, बक्सर शामिल हैं। जिले में इन अस्पतालों की सूची उपलब्ध होने से दुर्घटना की स्थिति में घायलों को नजदीकी सूचीबद्ध अस्पताल तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, संबंधित अस्पताल में योजना के तहत उपचार की उपलब्धता और लागू शर्तों की पुष्टि करना जरूरी है।
घायल की मदद करने वाले नेक राहगीरों को ₹25 हजार तक का पुरस्कार
योजना के तहत केवल घायलों के इलाज पर ही नहीं, बल्कि उनकी मदद के लिए आगे आने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया है। सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की सहायता करने वाले नेक राहगीरों को निर्धारित शर्तों के अनुसार 25 हजार रुपये तक का पुरस्कार दिए जाने का प्रावधान है। इसका उद्देश्य लोगों को दुर्घटना के समय घायल की मदद करने के लिए प्रोत्साहित करना और मानवीय संवेदनशीलता को बढ़ावा देना है। अक्सर सड़क पर हादसा होने के बाद लोग पुलिस या कानूनी प्रक्रिया के डर से घायल की मदद करने से हिचकिचाते हैं। ऐसे में लोगों को जागरूक करना जरूरी है कि घायल को समय पर अस्पताल पहुंचाना उसकी जान बचाने में अहम भूमिका निभा सकता है।
प्रशासन की अपील: हादसा दिखे तो मदद के लिए बढ़ाएं हाथ
जिला पदाधिकारी, बक्सर की ओर से भी आम नागरिकों से अपील की गई है कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद को मानवीय जिम्मेदारी समझें। हादसे के बाद प्रत्येक मिनट महत्वपूर्ण होता है। इसलिए घायल को बिना अनावश्यक देरी के नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं और जरूरत पड़ने पर आपातकालीन सेवा 112 या पुलिस को सूचना दें।प्रशासन ने इस जानकारी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील भी की है, ताकि दुर्घटना की स्थिति में लोग योजना के बारे में जान सकें और जरूरतमंदों को समय पर इलाज मिल सके।
सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन भी जरूरी
दुर्घटनाओं में जान गंवाने और घायल होने की घटनाओं को कम करने के लिए सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनें, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाएं, नशे की हालत में वाहन न चलाएं और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें। सड़क हादसे में घायल व्यक्ति के लिए समय पर मिली मदद जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर बन सकती है। ऐसे में जागरूकता, तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता ही किसी की जिंदगी बचाने का सबसे बड़ा माध्यम है।
संदीप की रिपोर्ट