वन्दे मातरम् के 150 वर्ष: DM की मौजूदगी में सामूहिक गायन,रण के स्कूलों और दफ्तरों में गूंजा राष्ट्रीय गीत

भारतीय राष्ट्रीय गीत 'वन्दे मातरम्' के रचना के 150 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर शनिवार को पूरे सारण जिले में राष्ट्रभक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला।

वन्दे मातरम् के 150 वर्ष- फोटो : news 4 nation

भारतीय राष्ट्रीय गीत 'वन्दे मातरम्' के रचना के 150 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर शनिवार को पूरे सारण जिले में राष्ट्रभक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। इस मील के पत्थर को यादगार बनाने के लिए जिले भर के सभी सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों के साथ-साथ सरकारी कार्यालयों में सामूहिक गायन का विशेष अभियान चलाया गया। सुबह से ही शिक्षण संस्थानों और प्रशासनिक परिसरों में वन्दे मातरम् की गूँज सुनाई दी, जिससे पूरा वातावरण देशभक्ति के रंग में सराबोर हो गया।

समाहरणालय में जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम


इस गौरवशाली अवसर पर मुख्य कार्यक्रम छपरा स्थित समाहरणालय सभागार में आयोजित किया गया। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित इस जिला स्तरीय समारोह में भारी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राओं, स्काउट एंड गाइड के कैडेट्स और जिले के वरीय अधिकारियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान सामूहिक रूप से राष्ट्रीय गीत का गायन किया गया। जिलाधिकारी ने इस मौके पर राष्ट्र के प्रति समर्पण का संदेश देते हुए सभी से इस ऐतिहासिक धरोहर का सम्मान करने की अपील की।

ऐतिहासिक गौरव और युवाओं को प्रेरणा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि 'वन्दे मातरम्' केवल एक गीत नहीं, बल्कि हमारे देश के स्वाधीनता संग्राम और ऐतिहासिक गौरव का प्रतीक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नई पीढ़ी, विशेषकर छात्र-छात्राओं को इस गीत के महत्व और इसके पीछे के बलिदानों को स्मरण करना चाहिए। यह गीत हमें अपनी मिट्टी से जुड़ने और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने की प्रेरणा देता है। आयोजन में शामिल युवाओं और बच्चों के उत्साह ने इस अभियान को और भी प्रभावशाली बना दिया।

अधिकारियों और कैडेट्स की गरिमामयी उपस्थिति

इस विशेष अभियान में समाहरणालय के अधिकारियों के अलावा अपर समाहर्त्ता, अपर समाहर्त्ता (विधि व्यवस्था), सिविल सर्जन सहित स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के कई जिला स्तरीय पदाधिकारी भी शामिल हुए। स्कूलों में शिक्षकों के मार्गदर्शन में बच्चों ने न केवल गायन किया, बल्कि इस गीत के इतिहास के बारे में भी जानकारी साझा की। सारण के कोने-कोने में हुए इस सामूहिक आयोजन ने एकता और अखंडता का संदेश देते हुए राष्ट्रीय पर्व जैसा माहौल पैदा कर दिया।