Bihar News: छपरा में आधी रात जहरीली गैस का कहर, कोल्ड स्टोरेज से अमोनिया लीक, मची भगदड़ 10 लोग बीमार, सुरक्षा में बड़ी चूक का खुलासा

Bihar News: आलू भंडारण के लिए संचालित कोल्ड स्टोरेज के कूलिंग सिस्टम में अमोनिया गैस का इस्तेमाल किया जाता है। देर रात अचानक पाइप लाइन से गैस का रिसाव शुरू हो गया।

छपरा में आधी रात जहरीली गैस का कहर- फोटो : social Media

Bihar News: आलू भंडारण के लिए संचालित कोल्ड स्टोरेज के कूलिंग सिस्टम में अमोनिया गैस का इस्तेमाल किया जाता है। देर रात अचानक पाइप लाइन से गैस का रिसाव शुरू हो गया। सारण जिले के छपरा में गुरुवार की देर रात एक कोल्ड स्टोरेज से अमोनिया गैस के रिसाव ने इलाके में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। शहर से सटे मुफस्सिल थाना क्षेत्र के साढा स्थित रामा कोल्ड स्टोरेज में हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और संचालन मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गैस रिसाव की खबर मिलते ही आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।

जानकारी के अनुसार, आलू भंडारण के लिए संचालित इस कोल्ड स्टोरेज के कूलिंग सिस्टम में अमोनिया गैस का इस्तेमाल किया जाता है। देर रात अचानक पाइप लाइन से गैस का रिसाव शुरू हो गया। देखते ही देखते अमोनिया की तीखी गंध पूरे इलाके में फैल गई। गैस के संपर्क में आने के बाद लोगों को आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ, खांसी और घुटन जैसी समस्याएं होने लगीं।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, गैस रिसाव करीब 10 से 15 मिनट तक जारी रहा। इस दौरान पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। घटना के प्रभाव से करीब 10 लोगों की तबीयत बिगड़ गई, जबकि दो लोगों को उपचार के लिए छपरा सदर अस्पताल भेजना पड़ा। राहत की बात यह रही कि चिकित्सकों ने सभी प्रभावित लोगों की स्थिति सामान्य बताई है।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। सदर अस्पताल से एंबुलेंस मौके पर भेजी गई। वहीं फायर ब्रिगेड, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। फायर ब्रिगेड कर्मियों ने रिसाव वाले हिस्से की पहचान कर लीकेज को बंद कराया और क्षेत्र में पानी का छिड़काव किया, ताकि हवा में फैली गैस के प्रभाव को कम किया जा सके।

घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने कोल्ड स्टोरेज प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया और सुरक्षा मानकों की नियमित जांच की मांग की। उनका कहना है कि यदि समय रहते रिसाव पर काबू नहीं पाया जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था।सदर एसडीओ और एसडीपीओ ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन की प्रारंभिक जांच में कोल्ड स्टोरेज में सुरक्षा मानकों की कमी सामने आने की बात कही गई है। एसडीओ ने बताया कि कोल्ड स्टोरेज के लाइसेंस और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की जा रही है। साथ ही कृषि विभाग को पत्र भेजकर पूरे संयंत्र और संसाधनों की तकनीकी जांच कराने का निर्णय लिया गया है।

फिलहाल गैस रिसाव पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया है, लेकिन घटना ने एक बार फिर औद्योगिक और भंडारण इकाइयों में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।