Bihar Liquor Tragedy: बिहार में फिर जहरीली शराबकांड! 24 घंटे में 2 की मौत, 5 लोगों के आंखों की गई रोशनी, इलाके में दहशत

Bihar Liquor Tragedy: बिहार में एक बार फिर जहरीली शराबकांड का मामला सामने आया है। जानकारी अनुसार 24 घंटे में जहरीली शराब से 2 लोगों की मौत हो गई है। परिजनों ने दोनों का गुपचुप तरीके से अंतिम संस्कार भी कर दिया है।

जहरीली शराब से 2 मौत!- फोटो : social media

Bihar Liquor Tragedy: शराबबंदी वाले बिहार में एक बार फिर जहरीली शराबकांड की आशंका सामने आई है। कथित तौर से जहरीली शराब के कारण 24 घंटे में 2 लोगों की मौत हो गई है तो वहीं 5 लोगों की आंखों की रोशनी भी चली गई है। सबकी हालत गंभीर बताई जा रही है। दरअसल, पूरा मामला सारण जिले के पानापुर थाना क्षेत्र का है। 

24 घंटे में 2 की मौत 

मिली जानकारी अनुसार पिछले 24 घंटे के भीतर दो लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोगों की हालत खराब बताई जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि इनकी तबीयत जहरीली शराब पीने से बिगड़ी है। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। जानकारी के अनुसार धेनुकी गांव में बुधवार रात 50 वर्षीय सुकन नट की अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें इलाज के लिए पानापुर बाजार स्थित एक निजी डॉक्टर के पास ले गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

गुपचुप तरीके से किया अंतिम संस्कार 

बताया जा रहा है कि परिजनों ने गुरुवार सुबह ही उनका गुपचुप तरीके से अंतिम संस्कार कर दिया। इसके बाद गांव में जहरीली शराब से मौत की चर्चा फैलने लगी। सूचना मिलने पर पानापुर थानाध्यक्ष राजा कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों से पूछताछ की। हालांकि परिजनों ने पुलिस को बताया कि सुकन नट की मौत हार्ट अटैक से हुई है।

इलाज के दौरान गई जान

इसी बीच गुरुवार सुबह दुबौली गांव निवासी 40 वर्षीय धर्मेंद्र राय की भी तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजन उन्हें इलाज के लिए पटना लेकर पहुंचे, लेकिन दोपहर तक उनकी भी मौत हो गई। इसके बाद परिजन शव लेकर पानापुर थाना पहुंचे और पोस्टमार्टम की मांग को लेकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि धर्मेंद्र राय की मौत जहरीली शराब पीने से हुई है।

आंखों की रोशनी जाने की सूचना

स्थानीय सूत्रों के अनुसार पानापुर थाना क्षेत्र के दुबौली गाँव, धेनुकी गाँव और खजौली गाँव में कुछ लोग बीमार बताए जा रहे हैं। इनमें से 5–6 लोगों की आंखों की रोशनी जाने की भी सूचना है। परिजन उन्हें अलग-अलग स्थानों पर चोरी-छिपे इलाज के लिए ले जा रहे हैं। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर अभी इसकी पुष्टि नहीं की गई है।

पहले भी हो चुके हैं बड़े शराबकांड

गौरतलब है कि बिहार में वर्ष 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है, जिसके तहत शराब के उत्पादन, बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद अवैध शराब का कारोबार पूरी तरह थम नहीं पाया है। सारण जिले में इससे पहले भी जहरीली शराब की घटनाओं के लिए सुर्खियों में रहा है। दिसंबर 2022 में मशरक, इसुआपुर और अमनौर थाना क्षेत्रों में जहरीली शराब पीने से 70 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। वहीं अक्टूबर 2024 में सारण, सिवान और गोपालगंज में जहरीली शराब पीने से तीन दर्जन से अधिक लोगों की जान चली गई थी। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुट गया है और मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।