Bihar Rail Network: अब उड़ान जैसी रफ्तार से सफर करेगा बिहार, दिल्ली से पटना सिर्फ पौने 5 घंटे में, बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर रेल मंत्री का बड़ा खुलासा
Bihar Rail Network:केंद्रीय रेल मंत्री ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि बिहार को अगले कुछ वर्षों में करीब 200 नई ट्रेनों की सौगात मिलेगी। ...
Bihar Rail Network: बिहार में रेलवे विकास का नया दौर शुरू होने जा रहा है। आने वाले पांच से आठ वर्षों में राज्य की रेल कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक विस्तार देखने को मिलेगा। केंद्रीय रेल मंत्री ने छपरा में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि बिहार को अगले कुछ वर्षों में करीब 200 नई ट्रेनों की सौगात मिलेगी। इसके साथ ही बहुप्रतीक्षित बुलेट ट्रेन परियोजना भी राज्य के विकास की नई इबारत लिखेगी। इस परियोजना के पूरा होने के बाद पटना से दिल्ली की दूरी महज 4 घंटे 45 मिनट में तय की जा सकेगी।
छपरा में आयोजित रेलवे कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि बिहार का गौरवशाली इतिहास देश के निर्माण और विकास से जुड़ा रहा है। अब रेलवे नेटवर्क का तेजी से विस्तार राज्य की अर्थव्यवस्था, उद्योग, व्यापार और रोजगार के नए दरवाजे खोलेगा। उन्होंने छपरा-दिल्ली आनंद विहार एक्सप्रेस तथा मऊ-दिल्ली आनंद विहार एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साथ ही दोहरीघाट-औड़िहार ट्रेन सेवा का विस्तार वाराणसी सिटी तक किया गया।
अपने संबोधन में अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पहले बिहार के लिए रेलवे का वार्षिक बजट लगभग एक हजार करोड़ रुपये हुआ करता था, लेकिन अब यह बढ़कर दस हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बिहार से 11 अमृत भारत ट्रेनें और 14 वंदे भारत एक्सप्रेस संचालित हो रही हैं, जिससे यात्रियों को आधुनिक और तेज यात्रा सुविधाएं मिल रही हैं।
रेल मंत्री ने बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर कहा कि दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर भविष्य का सबसे बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट होगा। इसके जरिए बिहार सीधे देश के प्रमुख आर्थिक और व्यावसायिक केंद्रों से जुड़ जाएगा। उन्होंने दावा किया कि अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन परियोजना अगले वर्ष शुरू हो जाएगी और इसके बाद देशभर में सात हजार किलोमीटर लंबे बुलेट ट्रेन नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा।
कार्यक्रम में मौजूद सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य के 38 में से 36 जिले रेलवे नेटवर्क से जुड़ चुके हैं और रेलवे को अत्याधुनिक तकनीक से लैस करने की प्रक्रिया तेज गति से जारी है।रेलवे के इस महाअभियान को बिहार के विकास, निवेश और रोजगार के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है। यदि सभी योजनाएं तय समय पर पूरी होती हैं तो आने वाले वर्षों में बिहार देश के सबसे बेहतर रेल संपर्क वाले राज्यों में शामिल हो सकता है।