Chapra Incident: एक- दूजे का साथ निभाते- निभाते जिंदगी भी हार गईं दो सहेलियां, तालाब में डूबने से दर्दनाक मौत

Chapra Incident: सारण जिले के अमनौर थाना क्षेत्र के नरसिंहभानपुर गांव में तालाब में डूबने से आठवीं कक्षा की दो छात्राओं की मौत हो गई। दोनों सहेलियां थीं और साथ स्कूल जाती थीं। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।

Chapra Incident: सारण जिले के अमनौर थाना क्षेत्र के अमनौर कल्याण पंचायत अंतर्गत नरसिंहभानपुर गांव में बुधवार देर शाम एक बेहद दर्दनाक हादसा हो गया। तालाब में डूबने से दो मासूम सहेलियों की मौत हो गई। दोनों आठवीं कक्षा की छात्राएं थीं और उनकी दोस्ती पूरे गांव में मिसाल मानी जाती थी। दोनों हमेशा साथ पढ़ती थीं, साथ स्कूल जाती थीं और हर जगह एक-दूसरे के साथ रहती थीं। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है और परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृत छात्राओं की पहचान दशरथ प्रसाद की बेटी आंचल कुमारी और दिनेश प्रसाद की बेटी खुशबू कुमारी के रूप में हुई है। दोनों नरसिंहभानपुर मध्य विद्यालय में आठवीं कक्षा में पढ़ती थीं।

परिजनों के अनुसार, गांव के एक पड़ोसी के शादी समारोह में शामिल होने के लिए दोनों बच्चियों के माता-पिता मशरक गए हुए थे। इसी वजह से आंचल स्कूल नहीं गई। आंचल के स्कूल नहीं जाने पर उसकी सहेली खुशबू ने भी स्कूल जाना छोड़ दिया। दोनों की दोस्ती इतनी गहरी थी कि अगर एक स्कूल नहीं जाती थी, तो दूसरी भी नहीं जाती थी। बताया गया कि घर से निकलने से पहले आंचल ने अपनी दादी से 10 रुपये मांगे और कहा कि वह दुकान से कुछ खरीदकर खाएगी। इसके बाद वह घर से निकल गई। उसी समय उसकी बड़ी बहन हंसा गांव के शिव मंदिर के पास स्थित तालाब में नहा रही थी। थोड़ी देर बाद आंचल और खुशबू भी वहां पहुंच गईं और दोनों तालाब में नहाने लगीं।

रस्सी फेंककर बाहर निकालने की कोशिश

कुछ समय बाद हंसा तालाब से बाहर निकल आई, लेकिन दोनों सहेलियां धीरे-धीरे गहरे पानी में चली गईं और डूबने लगीं। हंसा ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की। पहले उसने रस्सी फेंककर बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन रस्सी छोटी पड़ गई। इसके बाद वह दौड़ते हुए गांव की ओर गई और शोर मचाकर लोगों को बुलाया।बताया जा रहा है कि उस समय तालाब में कुल छह लड़कियां नहा रही थीं। शोर सुनकर सबसे पहले वार्ड सदस्य रवि कुमार मौके पर पहुंचे और बिना समय गंवाए तालाब में कूद गए। उनके पीछे कई ग्रामीण भी बचाव कार्य में जुट गए।

परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा

काफी मेहनत के बाद दोनों बच्चियों को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। दोनों की मौत हो चुकी थी। घटना की खबर मिलते ही शादी समारोह में गए दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घर पहुंचते ही माता-पिता अपनी बेटियों के शव से लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगे।  आंचल तीन बहनों और दो भाइयों में मंझली थी, जबकि खुशबू दो बहनों और तीन भाइयों में शामिल थी। दोनों परिवार बेहद साधारण आर्थिक स्थिति से आते हैं। दोनों के पिता राजमिस्त्री का काम करके परिवार चलाते हैं। बेटियों की अचानक मौत ने दोनों परिवारों को पूरी तरह तोड़ दिया है।

 तालाब पूरी तरह पानी से भर गया था

ग्रामीणों ने बताया कि जिस तालाब में हादसा हुआ, उसकी सफाई करीब दो महीने पहले शिव मंदिर में हुए यज्ञ के दौरान कराई गई थी। बरसात से पहले उसमें पंपसेट से पानी भरा गया था, जिससे तालाब पूरी तरह पानी से भर गया था। हादसे के समय मंदिर परिसर के आसपास कोई बड़ा व्यक्ति मौजूद नहीं था। घटना की सूचना मिलते ही अमनौर थाना के थानाध्यक्ष हेमंत कुमार, बीडीओ राजीव कुमार सिन्हा, सीओ अजय कुमार और आरओ सुनीता कुमारी सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए छपरा सदर अस्पताल भेज दिया है।

छपरा से धर्मेद्र रस्तोगी