मनरेगा में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप : बिना काम कराए लाखों के गबन का दावा, जांच पर भी उठे सवाल
दरभंगा के बिरौल प्रखंड में मनरेगा योजनाओं में भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार का मामला प्रकाश में आया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि पंचायत में कई योजनाओं के तहत धरातल पर बिना कोई काम कराए ही लाखों रुपये की सरकारी राशि की निकासी कर ली गई है....
Darbhanga : जिले के बिरौल प्रखंड अंतर्गत रोहर महमूदा पंचायत में मनरेगा (MNREGA) योजनाओं में भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार का मामला प्रकाश में आया है। शिकायतकर्ता बबलू यादव ने आरोप लगाया है कि पंचायत में कई योजनाओं के तहत धरातल पर बिना कोई काम कराए ही लाखों रुपये की सरकारी राशि की निकासी कर ली गई और फाइलों में कार्य को पूर्ण दर्शा दिया गया।
जमीन पर काम गायब, खड़ंजा व मिट्टी भराई केवल कागजों में
शिकायतकर्ता का दावा है कि जिन स्थानों पर कागजों में मिट्टी भराई और खड़ंजा (ईंट का रास्ता) निर्माण का कार्य दिखाया गया है, वहाँ वास्तविक स्थल पर कोई काम नहीं हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया कि एक तरफ सुशासन व पारदर्शी प्रशासन के दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ धरातल पर 'कागजी विकास' का खेल जारी है।
पीओ की जांच रिपोर्ट पर खड़े किए सवाल
शिकायतकर्ता ने बताया कि इससे पूर्व भी उन्होंने इस मामले को लेकर विभागीय स्तर पर शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि बिरौल के प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (PO) ने बिना निष्पक्ष व वास्तविक स्थल निरीक्षण के ही एक लीपापोती वाली रिपोर्ट विभाग को भेज दी, जिसके आधार पर मामले को बंद कर दिया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार, अगर जिला स्तर की टीम निष्पक्ष जांच करे तो फाइलों और जमीनी हकीकत का अंतर साफ उजागर हो जाएगा।
'सहयोग पोर्टल' पर दोबारा शिकायत, जिला स्तरीय जांच की मांग
मामले को गंभीरता से लेते हुए आवेदक ने बिहार सरकार के 'सहयोग पोर्टल' पर दोबारा ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है, जिसे जांच हेतु उप विकास आयुक्त (DDC), दरभंगा को अग्रसारित किया गया है। आवेदक ने मांग की है कि बिरौल पीओ की पूर्व रिपोर्ट की पुनरीक्षा की जाए और जिला स्तर से स्वतंत्र जांच टीम गठित कर योजनाओं का भौतिक सत्यापन कराया जाए। साथ ही गबन के दोषियों और फर्जी रिपोर्ट प्रस्तुत करने वाले अधिकारियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
वरुण ठाकुर की रिपोर्ट