Bihar Politics: बिहार की सियासत में पप्पू यादव के निशांत कार्ड से नया ट्विस्ट, नीतीश के बेटे को CM बनाने की क्यों की पैरवी,वजह जानकर चौंक जाएंगे

Bihar Politics: सियासत का पारा उस वक्त चढ़ गया,जब पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर बड़ा और चौंकाने वाला बयान दे डाला।

‘जो दिखता है वो नहीं बनता सीएम’- फोटो : reporter

Bihar Politics:  सियासत का पारा उस वक्त चढ़ गया,जब पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर बड़ा और चौंकाने वाला बयान दे डाला। बिहार की सत्ता की कुर्सी पर कौन बैठेगा इस सवाल के बीच पप्पू यादव ने न सिर्फ मौजूदा हालात पर तंज कसा, बल्कि एक विनम्र और सादा चेहरे की जोरदार वकालत कर दी।

दरभंगा की सरज़मीं पर उन्होंने सियासी अंदाज़ में भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि मीडिया में जिन नामों की सबसे ज्यादा चर्चा होती है,अक्सर वही मुख्यमंत्री नहीं बन पाते। उनके मुताबिक,बिहार का सीएम कौन होगा, इसका फैसला पटना नहीं बल्कि दिल्ली में होता है। इस बयान ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है।

वहीं,नीतीश कुमार को लेकर पप्पू यादव ने साफ कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री पद नहीं छोड़ना चाहिए, क्योंकि जनता ने उन्हें जनादेश दिया है। लेकिन अगर वह इस्तीफा देते हैं, तो उनकी पार्टी जदयू से ही नया मुख्यमंत्री चुना जाना चाहिए। सबसे दिलचस्प मोड़ तब आया, जब नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के राजनीति में आने और संभावित सीएम चेहरे बनने पर सवाल पूछा गया। इस पर पप्पू यादव ने खुलकर समर्थन जताया। उन्होंने कहा कि निशांत बेहद विनम्र और सादगी पसंद इंसान हैं। बिहार को आज ऐसे ही लीडर की जरूरत है, जो जात-पात और मजहबी सियासत से ऊपर उठकर सबको साथ लेकर चले।

पप्पू यादव का यह बयान सिर्फ एक राय नहीं,बल्कि सियासत में एक नया नैरेटिव सेट करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है जहां अनुभव और ताकत से ज्यादा सादगी और विनम्रता को नेतृत्व की असली पहचान बताया जा रहा है।

अब सवाल यह है कि क्या यह बयान महज सियासी गुगली है या आने वाले वक्त में बिहार की राजनीति सचमुच किसी नए और अनदेखे चेहरे की तरफ बढ़ रही है। फिलहाल, इस बयान ने सत्ता के समीकरणों में नई हलचल जरूर पैदा कर दी है।

रिपोर्ट- वरुण कुमार ठाकुर