Bihar Politics: OBC कोटा में मुस्लिम समाज के आरक्षण पर गिरिराज सिंह का बड़ा बयान,कहा- अपने हक के लिए लड़ें सनातनी
Bihar Politics: विधान परिषद चुनाव की तैयारियों को लेकर भाजपा नेताओं के साथ बैठक करने पहुंचे गिरिराज सिंह ने ओबीसी आरक्षण में हिस्सेदारी को लेकर सवाल उठाए।
Bihar Politics: केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने शुक्रवार को दरभंगा में आरक्षण, विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन और राघोपुर नाव हादसे को लेकर कई तीखे बयान दिए। विधान परिषद चुनाव की तैयारियों को लेकर भाजपा नेताओं के साथ बैठक करने पहुंचे गिरिराज सिंह ने ओबीसी आरक्षण में हिस्सेदारी को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि ओबीसी समाज को मिलने वाले 27 प्रतिशत आरक्षण में मुस्लिम समुदाय के लोगों को 10 प्रतिशत हिस्सेदारी मिल रही है। उन्होंने कहा कि ओबीसी समाज को यह समझने की जरूरत है कि उसके आरक्षण का लाभ किन वर्गों को मिल रहा है। साथ ही उन्होंने धर्म के आधार पर आरक्षण दिए जाने का विरोध करते हुए इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने की बात कही। उनके बयान के बाद बिहार की राजनीति में आरक्षण को लेकर बहस तेज होने के आसार हैं।दरभंगा में भाजपा नेताओं के साथ बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि ओबीसी समाज को अपने 27 प्रतिशत आरक्षण के भीतर हिस्सेदारी के सवाल पर जागरूक होना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम समुदाय के लोग ओबीसी आरक्षण के साथ सामान्य वर्ग की आरक्षण व्यवस्था का भी लाभ उठा रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आरक्षण धर्म के आधार पर नहीं होना चाहिए। उन्होंने सनातनी समाज से इस मुद्दे पर आवाज उठाने की अपील करते हुए कहा कि बंगाल की तर्ज पर बिहार और फिर देश में आरक्षण व्यवस्था से संबंधित ऐसे प्रावधानों को हटाने की लड़ाई लड़नी चाहिए।हालांकि, मुस्लिम समुदाय के लिए ओबीसी आरक्षण में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी के उनके दावे की पुष्टि के लिए संबंधित सरकारी आंकड़ों और आरक्षण नियमों की जांच जरूरी है। ओबीसी आरक्षण का लाभ विभिन्न राज्यों में अधिसूचित पिछड़े वर्गों और लागू नियमों के आधार पर मिलता है।
देश में जारी प्रदर्शनों को लेकर भी गिरिराज सिंह ने विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल और संगठन मिलकर देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने राम और कृष्ण की परंपरा का उल्लेख करते हुए भगवान कृष्ण और शिशुपाल का उदाहरण दिया। उनका कहना था कि जनता सब कुछ देख रही है और गलतियों की भी एक सीमा होती है।
गिरिराज सिंह ने नीट के मुद्दे और विभिन्न राजनीतिक संगठनों की गतिविधियों का जिक्र करते हुए विपक्ष पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कुछ समूह नरेंद्र मोदी का विरोध करने के लिए विदेशी पैसे का इस्तेमाल कर रहे थे और राहुल गांधी सहित विपक्ष से जुड़े लोगों पर भी निशाना साधा।इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने बातचीत के दौरान कोई सत्यापित सार्वजनिक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया। लिहाजा, विदेशी वित्तपोषण और देश में अराजकता फैलाने से जुड़े उनके दावों को स्वतंत्र पुष्टि के बिना आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने राघोपुर नाव हादसे को लेकर बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि हादसे के बाद सरकार ने तत्परता दिखाई और अपनी जिम्मेदारी निभाई है। साथ ही उन्होंने तेजस्वी यादव की भूमिका पर सवाल उठाए।
गिरिराज सिंह ने कहा कि तेजस्वी यादव राघोपुर के प्रतिनिधि होने के साथ-साथ विधानसभा में विपक्ष के नेता भी हैं। ऐसे में हादसे के बाद प्रभावित लोगों के बीच उनकी मौजूदगी और भूमिका महत्वपूर्ण थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जब राघोपुर में नाव हादसा हुआ, तब तेजस्वी यादव दिल्ली में चाय पार्टी में शामिल होने के लिए घूम रहे थे।केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि सरकार ने हादसे के बाद अपनी जिम्मेदारी निभाई, लेकिन विपक्ष के नेता अपनी जिम्मेदारी निभाने में पीछे रहे। हालांकि, इस संबंध में तेजस्वी यादव का पक्ष सामने आना बाकी है।
दरभंगा दौरे के दौरान गिरिराज सिंह ने भाजपा नेताओं के साथ विधान परिषद चुनाव की तैयारियों को लेकर बैठक की। इस दौरान उन्होंने पार्टी नेताओं को चुनावी रणनीति और तैयारियों के संबंध में निर्देश दिए।बैठक के बाद उनके बयानों ने बिहार में आरक्षण, विपक्षी राजनीति और नाव हादसे को लेकर राजनीतिक चर्चा को और तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि उनके आरोपों पर विपक्ष की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है और आरक्षण में हिस्सेदारी को लेकर छिड़ी बहस आगे क्या रूप लेती है।
रिपोर्ट-वरुण कुमार ठाकुर