Bihar News : जनसंवाद में डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के सामने रो पड़ा किसान, सीओ पर 25 हज़ार रूपये रिश्वत मांगने का लगाया आरोप
Bihar News : बोधगया में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान किसान डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के सामने फूट-फूट कर रोने लगा. इसके बाद डिप्टी सीएम ने सीओ को जमकर फटकार लगायी.....पढ़िए आगे
GAYAJI : बिहार के उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा की मौजूदगी में बुधवार को आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम हंगामे की भेंट चढ़ गया। बोधगया के कन्वेंशन हॉल में प्रखंड और अंचल स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ किसानों का दबा हुआ गुस्सा उस वक्त फूट पड़ा, जब उपमुख्यमंत्री अपनी बात रख रहे थे। किसानों ने जमीन के कागजातों में हेराफेरी, दाखिल-खारिज में देरी और खुलेआम रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे तंत्र की पोल खोल दी। कई फरियादी अपनी समस्याओं को बताते हुए मंच के सामने ही फूट-फूट कर रोने लगे।
कार्यक्रम के दौरान सबसे अधिक चर्चा शेरघाटी के जितेंद्र कुमार की शिकायत की रही, जिन्होंने आमस अंचल अधिकारी (CO) पर ₹25,000 रिश्वत लेने का सीधा आरोप लगाया। जितेंद्र ने यह भी दावा किया कि उनकी जमीन पर फर्जी कागजातों के आधार पर कब्जा किया गया है और उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। इसी बीच, आरोपित पक्ष से रामाधार सिंह नामक व्यक्ति दर्शक दीर्घा से उठकर मंच के करीब पहुंच गया और तेज आवाज में बहस करने लगा। उसकी ऊंची आवाज और व्यवहार पर उपमुख्यमंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई और उसे तत्काल हॉल से बाहर निकालने का आदेश दिया।
किसानों के आक्रोश और रिश्वत के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मौके पर ही 'ऑन द स्पॉट' एक्शन लिया। उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोपी आमस सीओ को तत्काल प्रभाव से दूसरी जगह शिफ्ट करने का आदेश दिया। साथ ही, गया के जिलाधिकारी (DM) और एसएसपी (SSP) को रिश्वत के मामले की गहन जांच कर जल्द रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कठोरतम कार्रवाई होगी।
सभागार में मौजूद अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जमीन से जुड़े मामलों में गड़बड़ी करने वालों को न केवल कानूनी, बल्कि व्यक्तिगत और पारिवारिक स्तर पर भी परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि 15 दिनों के भीतर जमीन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि कैथी लिपि के पुराने दस्तावेजों को समझने और सुधारने के लिए पटना में 20-21 विशेषज्ञों की टीम को प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि खतियान सुधार और पुराने अभिलेखों की सही व्याख्या हो सके।
अपने संबोधन के अंत में उपमुख्यमंत्री ने एनडीए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि 2005 से पहले बिहार में भू-माफियाओं का बोलबाला था, लेकिन वर्तमान सरकार ने कानून का राज स्थापित किया है। उन्होंने किसानों को शांत कराते हुए कहा कि "हर बीमारी का इलाज है" और शिकायतों को अनसुना नहीं किया जाएगा। बोधगया का यह जनसंवाद कार्यक्रम प्रशासन के लिए एक आईना साबित हुआ, जिसमें अधिकारियों की बेलगाम कार्यशैली और भ्रष्टाचार के खिलाफ किसानों ने सीधे सरकार के सामने अपनी आवाज बुलंद की।
मनोज की रिपोर्ट