NEET पेपर लीक और धांधली के खिलाफ कांग्रेस का हल्लाबोल: केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, संसद से सड़क तक आंदोलन की चेतावनी

Bihar Politics : नीट पेपर लीक मामले को लेकर कांंग्रेस ने केन्द्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। कांग्रेस ने मोदी सरकार के कार्यकाल में 5वीं बार मेडिकल परीक्षा का पेपर लीक होने का आरोप लगाते हुए केन्द्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की है....

Gayaji : देश में मेडिकल दाखिले के लिए आयोजित होने वाली नीट (NEET) परीक्षा में लगातार सामने आ रही धांधली, भ्रष्टाचार और पेपर लीक के मामलों को लेकर राजनीतिक पारा पूरी तरह गरमा गया है। कांग्रेस पार्टी ने केंद्र की भाजपा गठबंधन सरकार को घेरते हुए केंद्रीय शिक्षा एवं मानव संसाधन विकास मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की पुरजोर मांग की है। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का आरोप है कि मोदी सरकार के पिछले 12 वर्षों के कार्यकाल में अब तक पांच बार मेडिकल एडमिशन एंट्रेंस परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लीक और धांधली के मामले उजागर हो चुके हैं, जो देश के लाखों होनहार छात्रों के भविष्य के साथ सरासर खिलवाड़ है।


बिहार कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने खोला मोर्चा, प्रधानमंत्री से बर्खास्तगी की मांग

इस गंभीर मुद्दे को लेकर बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रतिनिधि प्रो. विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली और जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने संयुक्त बयान जारी कर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। मांग करने वाले नेताओं में दामोदर गोस्वामी, विपिन बिहारी सिन्हा, विशाल कुमार, इंटक के महासचिव टिंकू गिरी और सुजीत गुप्ता आदि शामिल हैं। इन नेताओं ने कहा कि वर्ष 2024 और अब 2026 में भी नीट परीक्षा पेपर लीक के बड़े पैमाने पर गंभीर आरोप लगे हैं। पूरे देश में लाखों छात्र सड़कों पर उतरकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को समाप्त करने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रधानमंत्री इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। अतः अब कांग्रेस ने महामहिम राष्ट्रपति से हस्तक्षेप कर उन्हें बर्खास्त करने की मांग की है।


लाखों परीक्षार्थियों में भयानक रोष, जून में दोबारा परीक्षा कराने की घोषणा

कांग्रेस नेताओं ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि केवल हालिया वर्षों में ही नहीं, बल्कि इससे पहले 2015, 2021 और 2022 में भी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं के पेपर लीक के संगीन मामले पकड़े गए थे और ये सारे विवाद अदालतों तक पहुंचे। नेताओं ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि 2024 और 2026 में पूरी परीक्षा व्यवस्था के ध्वस्त होने के कारण इसे रद्द कर दोबारा परीक्षा लेने की नौबत आ गई है। आज देश के लगभग 22 लाख परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों में व्यवस्था के खिलाफ भयानक आक्रोश व्याप्त है। इस मानसिक प्रताड़ना और दबाव के कारण अब तक दर्जनों परीक्षार्थी आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठा चुके हैं। प्रशासन द्वारा नीट की यह रद्द परीक्षा आगामी जून माह में दोबारा आयोजित करने की घोषणा की गई है।


भावी डॉक्टरों की योग्यता से समझौता, स्वास्थ्य तंत्र को पंगु बनाने का प्रयास

प्रेस विज्ञप्ति में कांग्रेस नेताओं ने बेहद संवेदनशील पहलू को रेखांकित करते हुए कहा कि धरती के दूसरे भगवान कहे जाने वाले डॉक्टरों की पढ़ाई के शुरुआती स्तर पर ही इस प्रकार का भ्रष्टाचार देशवासियों के जीवन के साथ सीधा खिलवाड़ है। यदि धांधली और पैसे के बल पर अयोग्य लोग डॉक्टर बनेंगे, तो देश की आम जनता बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और उचित इलाज से पूरी तरह वंचित रह जाएगी। यह देश के समूचे चिकित्सा तंत्र की विश्वसनीयता को खत्म करने की एक बड़ी और गहरी प्रशासनिक विफलता है।


छात्रों के हक की लड़ाई में संसद से सड़क तक साथ देगी विपक्षी ताकत

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में आमूलचूल सुधार की मांग को लेकर कांग्रेस पार्टी ने अब एक बड़े और देशव्यापी आंदोलन का ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया है। नेताओं ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि इस भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रखंड, जिला, प्रमंडल, राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर पर चरणबद्ध तरीके से विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। कांग्रेस पार्टी देश के पीड़ित और आंदोलित छात्रों के हक की इस लड़ाई में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और इस आवाज को संसद के पटल से लेकर सड़क के संघर्ष तक पूरी ताकत के साथ बुलंद किया जाएगा।


मनोज कुमार की रिपोर्ट