तिलक समारोह में भोज खाने के बाद दर्जनों लोग बीमार, फूड प्वाइजनिंग से पूरे गांव में हड़कंप

गया जिले के धागा बीघा गांव में तिलक समारोह के भोज खाने के बाद दर्जनों लोग बीमार हो गए। उल्टी-दस्त और पेट दर्द की शिकायत के बाद 33 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि गनीमत यह रही कि सभी खतरे से बाहर हैं...

भोज खाने के बाद दर्जनों लोग हुए बीमार- फोटो : मनोज कुमार

Gayaji : जिले के गुरुआ प्रखंड अंतर्गत मंडा पंचायत के धाना बीघा गांव में एक खुशी का माहौल उस समय अफरा-तफरी में बदल गया, जब तिलक समारोह का भोज खाने के बाद दर्जनों लोग अचानक बीमार पड़ गए। घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया। मरीजों को लगातार उल्टी, दस्त, पेट दर्द और तेज बुखार की शिकायत होने लगी, जिसके बाद आनन-फानन में कुल 33 लोगों को गुरुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया गया।


जानकारी के अनुसार, यह घटना रमेश राम के पुत्र राहुल राज के तिलक समारोह से जुड़ी है। गुरुवार की रात भगवती गांव से तिलक आया था, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार शामिल हुए थे। समारोह के दौरान सभी ने प्रेमपूर्वक भोज ग्रहण किया। लेकिन भोजन करने के करीब 24 घंटे बाद यानी शुक्रवार की रात से एक-एक कर लोगों की तबीयत खराब होने लगी। जैसे-जैसे मरीजों की संख्या बढ़ने लगी, ग्रामीणों के बीच डर का माहौल व्याप्त हो गया।


बीमार लोगों की गंभीर स्थिति को देखते हुए परिजनों ने तुरंत वाहनों का इंतजाम किया और सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। अस्पताल में अचानक इतनी बड़ी संख्या में मरीजों के पहुंचने से स्वास्थ्य कर्मियों के बीच भी हड़कंप मच गया। आनन-फानन में अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की गई और डॉक्टरों की टीम ने मोर्चा संभालते हुए सभी का उपचार शुरू किया। भर्ती मरीजों में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सभी शामिल हैं।


मरीजों का इलाज कर रहे चिकित्सकों ने प्रथम दृष्टया इस मामले को 'फूड प्वाइजनिंग' (खाद्य विषाक्तता) का मामला बताया है। डॉक्टरों के अनुसार, दूषित भोजन या पानी के सेवन के कारण मरीजों में संक्रमण हुआ है, जिससे डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) की समस्या उत्पन्न हुई। हालांकि, चिकित्सा प्रभारी ने राहत की खबर देते हुए बताया कि सभी मरीजों को समय पर इलाज मिल गया है और फिलहाल किसी की भी स्थिति चिंताजनक नहीं है। सभी पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।


इधर, घटना के बाद पीड़ित परिवार और ग्रामीणों में मायूसी छाई हुई है। तिलक की खुशियां अस्पताल के बेड तक पहुंच गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि भीषण गर्मी के कारण शायद भोजन खराब हो गया होगा, जिसके सेवन से यह स्थिति उत्पन्न हुई। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पर भी नजर बनाए हुए है ताकि अन्य प्रभावितों को भी जरूरत पड़ने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके।


मनोज कुमार की रिपोर्ट