Gaya Hansraj Public School: गया के हंसराज पब्लिक स्कूल पर विवाद, पूर्व संचालक का दावा, 3.85 करोड़ रुपये अब भी बकाया

Gaya Hansraj Public School: गया के हंसराज पब्लिक स्कूल की 24.51 करोड़ रुपये में बिक्री को लेकर विवाद हुआ है। पूर्व संचालक ने 3.85 करोड़ रुपये बकाया होने का आरोप लगाकर FIR दर्ज कराई है।

Gaya Hansraj Public School: बिहार के गया में 22 साल पुराने हंसराज पब्लिक स्कूल की बिक्री को लेकर विवाद सामने आया है। स्कूल के पूर्व संचालक मनीष रुखियार ने 24 करोड़ 51 लाख रुपये के सौदे में 3 करोड़ 85 लाख रुपये का भुगतान बाकी रहने का आरोप लगाया है। इस मामले में उन्होंने 30 अक्टूबर को FIR दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।


पूर्व संचालक ने भुगतान में गड़बड़ी का लगाया आरोप


मनीष रुखियार के अनुसार, स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के कारण उन्होंने स्कूल बेचने का फैसला किया था। इसके बाद स्कूल की बिक्री को लेकर एग्रीमेंट और रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी की गई। उन्होंने बताया कि बैंक ऑफ बड़ौदा और HDFC बैंक के माध्यम से भुगतान भी हुआ, लेकिन तय सौदे की पूरी रकम उन्हें नहीं मिली। पूर्व संचालक ने TDS के भुगतान में भी अनियमितता का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि बकाया रकम मांगने पर उन्हें धमकियां दी गईं।


कानूनी नोटिस के साथ पुलिस को सौंपे दस्तावेज


मनीष रुखियार ने बताया कि उन्होंने बकाया राशि के भुगतान के लिए कानूनी नोटिस भेजा था। साथ ही, लेन-देन से जुड़े दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सौंपने की बात कही है। इस मामले में 30 अक्टूबर 2026 को FIR संख्या 767/2026 दर्ज कराई गई है। पूर्व संचालक ने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर बकाया रकम से जुड़े आरोपों पर कार्रवाई करने की मांग की है।


वर्तमान स्कूल प्रबंधन ने भी रखा अपना पक्ष


हंसराज पब्लिक स्कूल के वर्तमान प्रबंधन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपना पक्ष रखा है। प्रबंधन का कहना है कि मामला पुलिस जांच के अधीन है और वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। प्रबंधन ने दस्तावेजों, बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य तथ्यों की निष्पक्ष जांच पर भरोसा जताया है। साथ ही कहा है कि यदि आरोप तथ्यहीन या संस्था को बदनाम करने के उद्देश्य से लगाए गए हैं, तो कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की जाएगी। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के दावों और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही भुगतान से जुड़े विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

गया से मनोज की रिपोर्ट