Bihar Electricity : बिहार में बिजली गुल होने पर तुरंत पाएं समाधान, इस नंबर पर करें कॉल, बिजली विभाग का बड़ा ऐलान

Bihar Electricity : अब घर में अंधेरा छा जाए तो न घबराने की जरूरत है, न ही बिजली दफ्तरों के चक्कर काटने की मजबूरी।....

बिहार में बिजली गुल होने पर तुरंत पाएं समाधान- फोटो : social Media

Bihar Electricity : अब घर में अंधेरा छा जाए तो न घबराने की जरूरत है, न ही बिजली दफ्तरों के चक्कर काटने की मजबूरी। सात निश्चय-3 के सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ (ईज ऑफ लिविंग) के तहत बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं की परेशानी को जड़ से खत्म करने की पहल की है। अगर आपके घर की बिजली कट जाती है तो बस अपने मोबाइल से बिजली बिल पर छपे हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें शिकायत दर्ज होते ही बिजली बहाल करने की कार्रवाई शुरू हो जाएगी।

बिजली विभाग ने अब हर बिजली बिल पर संबंधित क्षेत्र के फ्यूज कॉल सेंटर का नंबर अंकित कर दिया है। यानी बिजली गुल होते ही आप सीधे उसी सेंटर से संपर्क कर सकते हैं, जो आपके इलाके की बिजली आपूर्ति देखता है। इसके लिए न कोई ऐप डाउनलोड करना है, न किसी वेबसाइट पर लॉग-इन करना है और न ही किसी सरकारी दफ्तर की दौड़। घर बैठे, एक कॉल में आपकी शिकायत दर्ज हो जाएगी।

साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के गया सर्कल के विद्युत अधीक्षण अभियंता ई. संदीप प्रकाश ने बताया कि राज्य सरकार और बिहार विद्युत विभाग उपभोक्ताओं की सहूलियत को लेकर पूरी तरह गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति से जुड़ी हर तरह की शिकायत के लिए अब एक स्पष्ट और आसान व्यवस्था लागू कर दी गई है। बिजली बिल के निचले हिस्से में विद्युत आपूर्ति संबंधी शिकायत के लिए फ्यूज कॉल सेंटर का नंबर दर्ज रहेगा।

उपभोक्ता इस नंबर पर न सिर्फ अपने घर की बिजली कटौती, बल्कि पड़ोस, मोहल्ले या गांव में हुई बिजली गुल की जानकारी भी दे सकते हैं। सूचना मिलते ही संबंधित टीम सक्रिय होगी और तकनीकी खामी को दूर कर जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल की जाएगी।

बता दें कि गया जिले में कुल नौ फ्यूज कॉल सेंटर काम कर रहे हैं। अब चूंकि हर उपभोक्ता के बिल पर उसके क्षेत्र से जुड़े फ्यूज कॉल सेंटर का नंबर रहेगा, इसलिए शिकायत दर्ज कराना और भी आसान हो जाएगा। इससे अनावश्यक देरी, अफरातफरी और उपभोक्ताओं की झुंझलाहट कम होगी।

सरकार का मकसद साफ है नागरिकों के रोजमर्रा के जीवन में आने वाली दिक्कतों को कम करना और उन्हें सम्मानजनक व आसान सुविधाएं देना। सात निश्चय-3 के तहत शुरू की गई यह व्यवस्था बिहार को विकसित राज्यों की कतार में खड़ा करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। अब बिजली गुल हुई तो परेशान नहीं, बस नंबर घुमाइए रौशनी खुद आपके दरवाजे तक लौट आएगी।